भोपाल। हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दाम केवल एक पैसा कम होने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पीएम मोदी और सरकार पर करारा हमला बोला है. सिंधिया ने कहा कि ये तो एक पैसे वाली सरकार है. बता दें कि कुछ दिन पहले तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में महज 1 रुपये की कमी की थी जिसकी खूब आलोचना हुई थी.

कांग्रेस की बैलगाड़ी यात्रा

पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्यवृद्धि के विरोध में कांग्रेस द्वारा प्रदेश मुख्यालय से मुख्यमंत्री निवास तक बैलगाड़ी यात्रा निकालने से पहले सिंधिया ने संवाददाताओं से कहा कि एक पैसा पेट्रोल और डीजल का दाम कम करके ये आमजन और इस देश के माथे पर कलंक लगा रहे हैं. मैं तो इन्हें नाम दूंगा कि ये तो एक पैसे वाली सरकार है. आज हम पेट्रोल और डीजल के दाम की वृद्धि के विरोध में बैलगाड़ी यात्रा कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि जो स्थिति देश के अंदर उत्पन्न हुई है, देश की जनता को भी उसका पता चले.

मध्य प्रदेश कांग्रेस की प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष सिंधिया ने कहा कि जब चार साल पहले कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार के समय 120 डॉलर प्रति बैरल अंतरराष्ट्रीय जगत में तेल का दाम होता था, तब देश में 60 रुपये प्रति लीटर डीजल का दाम होता था और 65 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल का दाम होता था.

क्यों नहीं घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम?

उन्होंने कहा कि आज तेल का अंतरराष्ट्रीय दाम 120 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 75 डॉलर प्रति बैरल आ गया है, लेकिन फिर भी देश में पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर और डीजल 70 से 75 रूपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है. कांग्रेस नेता ने कहा कि तेल का अंतरराष्ट्रीय दाम चार साल पहले हमारी यूपीए सरकार के समय से आज 30 प्रतिशत कम है, लेकिन फिर भी पेट्रोल-डीजल महंगा बेचा जा रहा है.

बताया सूट-बूट की सरकार

उन्होंने कहा कि बात साफ है कि ये सूट-बूट की सरकार है. साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये हर साल सरकारी खजाने में मुनाफे के तौर पर भारत सरकार को मिल रहा है. ये किसानों का पैसा, आप और हमारे जैसे आम जनों का पैसा सींच-सींच कर अपनी जेब में डाल रहे हैं. मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए सिंधिया ने कहा कि सबसे ज्यादा वैट आज मध्य प्रदेश की जनता पर है. 28 प्रतिशत वैट पेट्रोल पर और 22 प्रतिशत डीजल पर. इस वैट से 600 करोड़ रूपये प्रति माह मध्य प्रदेश सरकार कमाई कर रही है, जो 7,000 करोड़ प्रति वर्ष होता है. अगर केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं कर रही, तो प्रदेश की शिवराज सरकार अपना वैट कम क्यों नहीं करती, ताकि आम जन को राहत मिल पाए.