नई दिल्लीः कभी मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस की ओर से बड़ा चेहरा रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया अब भाजपा के खेमे के नेता बन गए हैं. जब से उन्होंने पार्टी बदली है, तभी से मध्य प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है. इस बीच ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए हैं. महल गेट से लेकर शहर के अन्य हिस्सों में भी सिंधिया के पोस्टर दिखाई दे रहे हैं. इन पोस्टर्स पर लिखा है, ‘तलाश गुमशुदा सेवक की.’ दरअसल, सिंधिया ने कांग्रेस का दामन छोड़ने से पहले आरोप लगाया था कि उन्हें कांग्रेस में जन सेवा का मौका नहीं मिल रहा है, जिसके चलते वह पार्टी छोड़ रहे हैं. Also Read - 'टाइगर अभी ज़िन्दा है' को उमा भारती का जवाब- मैं 'मोगली' हूं, शेरों की सवारी करती हूं

ऐसे में पोस्टर्स में भी सिंधिया के इन आरोपों का उल्लेख किया गया है. सिंधिया की गुमशुदगी के पोस्टर्स पर लिखा है, ‘कांग्रेस में रहकर जनसेवा नहीं कर पा रहे थे. जो कोरोना महामारी के समय में अप्रवासी मजदूरों की आवाज ना उठा सके. जिन्हें रोड पर उतरने का शौक था वह आज गुमशुदा हैं. तलाश कर लाने वाले को 5100 रुपए नगद ईनाम.’ वहीं इस पोस्टर में संपर्क के लिए कांग्रेस प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह राजावत के नाम के साथ एक मोबाइल नंबर भी लिखा है. Also Read - कौन हैं पंखुड़ी पाठक, जिन्हें प्रियंका गांधी ने कांग्रेस में दी बड़ी जिम्मेदारी, कभी अखिलेश-डिंपल से रहीं नजदीकियां

बता दें सिंधिया जब से भाजपा में शामिल हुए हैं वह ग्वालियर नहीं आ पाए हैं. ऐसे में कांग्रेस प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह का कहना है कि ये पोस्टर अभी गुना, भिंड, मुरैना और अशोकनर में भी लगाए जाएंगे. वहीं सिंधिया समर्थकों ने शहर में लगे इन पोस्टर्स पर नाराजगी जताई है. Also Read - LAC से पीछे हटी चीनी सेना, कांग्रेस बोली- क्या प्रधानमंत्री अब सर्वदलीय बैठक वाला बयान वापस लेंगे और माफी मांगेगे

ऐसे में सिंधिया समर्थकों ने जहां कहीं भी ये पोस्टर देखे, फाड़ना शुरू कर दिया. बता दें इससे पहले मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, उनके बेटे नकुलनाथ, साध्वी प्रज्ञा और एनपी प्रजापति के भी गुमशुदगी के पोस्टर्स लग चुके हैं.