नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में 15 साल बाद सरकार बनाने वाली कांग्रेस बहुमत से 2 सीट पीछे रह गई है. नतीजे आने के बाद बीएसपी और एसपी के अलावा 4 निर्दलीय विधायकों ने पार्टी को समर्थन दिया था. इस समय कांग्रेस के 114 विधायक हैं जबकि बहुमत के लिए 116 विधायकों की जरूरत है. यानी वह दो सीटों से बहुमत नहीं ला पाई है. इकनॉमिक टाइम्स को सूत्रों ने बताया कि 4 निर्दलीय विधायक कांग्रेस में शामिल होने के लिए राजी हो गए हैं. निर्दलीय विधायकों के पार्टी में शामिल होने के बाद कांग्रेस के विधायकों की संख्या 118 हो जाएगी जो बहुमत से 2 ज्यादा है. नियमों के मुताबिक कोई भी निर्दलीय विधायक किसी भी पार्टी में शामिल हो सकता है.

‘बाबरी मस्जिद गुलामी का प्रतीक थी, इसके जरिए हिंदुओं को नीचा दिखाया गया’

पार्टी के सूत्रों ने बताया कि इन विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन दिया है. ये सभी दिग्वजिय सिंह के करीबी माने जाते हैं. सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ इन विधायकों को मंत्री भी बना सकते हैं. क्रिसमस से पहले इनके मंत्री बनने को लेकर फैसला हो जाएगा. हालांकि पार्टी के सूत्रों का कहना है कि बीएसपी और एसपी के विधायकों के ऊपर है कि वह कांग्रेस को बाहर से समर्थन देना चाहते हैं या सरकार में शामिल होना चाहते हैं. हालांकि कांग्रेस पार्टी के विधायक मंत्री पद पाने के लिए जोरदार लॉबिंग कर रहे हैं.

पाक मांगता रहा जिन्ना हाउस, भारतीय विदेश मंत्रालय के नाम होगा समुद्र किनारे बना ये भव्य बंगला

230 सदस्य वाले विधानसभा में कांग्रेस के पास 114 सीटें, बीजेपी के पास 109, 4 निर्दलीय, बीएसपी के 2 और एसपी का एक विधायक है. यहां पर यह भी गौर करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ इस समय छिंदवाड़ा से सांसद हैं. 6 महीने के भीतर उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ना होगा. हालांकि मुख्यमंत्री के कई विधायक अपना इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं.

बुलंदशहर हिंसा थी साजिश, राजनीतिक आधार खो चुके लोगों ने कराया बवाल: सीएम योगी

दूसरी ओर बिहार और उत्तरप्रदेश के लोगों के कारण मध्यप्रदेश में स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं मिलने संबंधी अपने कथित बयान पर विवाद होने के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को कहा कि वह कौन सी नई बात कर रहे हैं.

गुजरात सहित अन्य प्रांतों में भी ऐसा है. मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली दफा प्रदेश के उच्च पुलिस अधिकारियों के साथ पुलिस मुख्यालय में एक बैठक के बाद एक सवाल के उत्तर में कमलनाथ ने संवाददाताओं से कहा, ‘ये सब जगह है. अन्य प्रांतों में भी है. मैं कौन सी नई बात कर रहा हूं. सब अन्य प्रातों में है, गुजरात में क्या है?’

मध्यप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ की नई सरकार ने भी किसानों का कर्ज माफ करने का एलान किया

खबरों के अनुसार, कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सोमवार को भोपाल में कहा था कि मध्यप्रदेश में ऐसे उद्योगों को सरकारी छूट दी जाएगी जिनमें 70 प्रतिशत नौकरी मध्य प्रदेश के लोगों को दी जाएगी. उन्होंने कथित तौर पर आगे कहा था कि बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लोगों के कारण मध्य प्रदेश में स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं मिल पाती है.