भोपाल. लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी के अंदर मची हलचल, थमने का नाम नहीं ले रही है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपना पद छोड़ने की जिद पर अड़े हुए हैं. इसी क्रम में एक दिन पहले राहुल गांधी ने चुनावी हार की जिम्मेदारी लेने वाले बयान पर कहा था कि उन्होंने तो हार स्वीकार कर ली, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का रवैया इस मामले पर सही नहीं है. इसके बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ ने भी बतौर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हार की जिम्मेदारी स्वीकारी है. मुख्यमंत्री कमलनाथ का बयान आने के बाद राज्य की सियासत में हलचल बढ़ गई है. मुख्यमंत्री की शुक्रवार सुबह कुछ मंत्रियों से मुलाकात हुई.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि राज्य में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के लिए मैं जिम्मेदार हूं. मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस बयान के बाद मध्यप्रदेश नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की चर्चा तेज हो गई है. राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर अड़े रहने और अन्य नेताओं की कार्यशैली पर दुख जताए जाने के सवाल पर कमलनाथ ने गुरुवार रात संवाददाताओं से कहा, “राहुल गांधी सही कह रहे हैं. मैं नहीं जानता कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है, लेकिन मैंने पहले इस्तीफे की पेशकश की थी. बाकी नेताओं के बारे में नहीं पता, लेकिन मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं.”

राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, “चुनाव में हार की जिम्मेदारी सिर्फ मुख्यमंत्री की नहीं है. यह जिम्मेदारी सभी कांग्रेस नेताओं की है. जहां तक बदलाव की बात है तो राहुल गांधी के अध्यक्ष बने रहने के बाद राज्यों में बदलाव होंगे, मुख्यमंत्री वर्तमान में अध्यक्ष भी हैं. आने वाले समय में पार्टी हाईकमान और कमलनाथ जैसा चाहेंगे वैसा होगा.”

गौरतलब है कि बीते दिनों राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से मुलाकात के दौरान कहा था कि मुझे इस बात का दुख है कि मेरे इस्तीफे के बाद किसी मुख्यमंत्री, महासचिव या प्रदेश अध्यक्ष ने हार की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं दिया.

(इनपुट – एजेंसी)