बेंगलुरु: मध्य प्रदेश में सियासी घमासान लगातार जारी है. एक तरफ जहां आज फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई की जाएगी. वहीं कांग्रेस के बागी विधायकों ने बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद की जान को कमलनाथ सरकार से खतरा बताया है. विधायकों ने कहा कि उनकी जान को खतरा है. कांग्रेस के बागी विधायकों ने कहा कि वे केंद्रीय सुरक्षा बल के संरक्षण में भोपाल जाने के लिए तैयार हैं. सभी विधायक बेंगलुरु स्वेच्छा से आए हैं और न तो किसी ने बंधक बनाया है और न ही किसी का दबाव है. विधायकों ने आगे कहा कि अभी भाजपा में जाने का फैसला नहीं लिया गया है. Also Read - कांग्रेस ने सांसदों के वेतन में कटौती का स्वागत किया, सांसद निधि बहाल करने की मांग

बता दें कि सिंधिया समर्थक बागी कांग्रेसी विधायक बेंगलुरु में डेरा डाले हुए हैं, 22 विधायक इस्तीफा भी दे चुके हैं. इनमें से छह विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए जा चुके हैं. बागी विधायक गोविंद सिंह राजपूत, राजवर्धन सिंह, एंदल सिंह कंसाना, तुलसी राम सिलावट, इमरती देवी, बिसाहू लाल सिंह सहित विधायकों ने मुख्यमंत्री कमल नाथ पर जमकर हमले बोले. राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विधायकों ने कहा कि जब ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भोपाल में हमला हो सकता है, तो हमारा क्या होगा. यह सवाल है. इसलिए केंद्रीय सुरक्षा मिले तो विधायक भोपाल जाने तैयार हैं.

राज्यवर्धन सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लगातार वादे किए मगर एक भी पूरा नहीं किया, कमल नाथ सिर्फ छिंदवाड़ा के मुख्यमंत्री नहीं है. वहीं, गोविंद राजपूत का कहना है कि मुख्यमंत्री कमल नाथ ने सिर्फ छिंदवाड़ा की चिंता की है. उन्होंने अन्य विधायकों के क्षेत्र में एक रुपये का काम नहीं किया, वहीं छिंदवाड़ा में हजारों करोड़ के काम किए गए हैं. विधायकों से जब पूछा गया कि, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा का दामन थाम लिया है क्या आप लोग भी भाजपा में जा रहे हैं तो विधायकों का सामूहिक जवाब था कि अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, सभी मिलकर और बैठकर फैसला लेंगे.

(इनपुट-भाषा)