भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पटलवार किया है. उन्होंने कहा कि राज्य में खाना मांगने पर मजदूरों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं, जबकि शिवराज किसी के भूखे न रहने की बात कह रहे हैं, यह मजदूरों के साथ मजाक है. चौहान ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से मध्यप्रदेश में आकर मजदूरों के लिए किए जा रहे कामों को देखने का आग्रह किया था. इसका जवाब देते हुए कमल नाथ ने कहा, “शिवराज जी, खूब झूठ बोलिए, लेकिन मजदूरों के नाम पर कम से कम इतना बड़ा मजाक तो मत करिए. आप कह रहे हैं कि मध्यप्रदेश की व्यवस्था देखिए, यहां की धरती पर कोई भी मजदूर आपको भूखा, प्यासा व पैदल चलता हुआ नहीं दिखेगा, हमने कारगर इंतजाम किए हैं. इतना बड़ा झूठ व मजदूरों के नाम पर ऐसा मजाक , शर्म करिए!” Also Read - Lockdown 5.0: मध्य प्रदेश में 15 जून तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, 13 जून के बाद खोले जाएंगे स्कूल

कमल नाथ ने आगे कहा, “यह सही है कि आप इन मजदूरों की सुध लेने अभी तक नहीं गए, तब आपको सच्चाई पता भी कैसे चले? आज भी प्रदेश के सभी प्रमुख मार्ग व सीमाएं हजारों मजदूरों से भरे पड़े हैं. कोई पैदल, कोई नंगे पैर, पैरों में छाले लिए हुए, कोई ठेले पर, कोई साइकिल पर, कोई ऑटो से, कोई अन्य मालवाहक वाहन से अपने घर को लौट रहा है. प्रदेश की धरती पर कई घर लौटते ये बेबस-लाचार मजदूर दुर्घटना का शिकार होकर मौत के मुंह में जा चुके हैं, भूख-प्यास और गर्मी से दम तोड़ चुके हैं. कई गर्भवती बहनें सड़कों पर अपने बच्चों को जन्म दे चुकी हैं.” Also Read - सीएम शिवराज का आदेश- एमपी में कोरोना से हुई हर मौत का होगा विश्लेषण, अब तक 334 की गई है जान

पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, “मजदूरों के हाल की तस्वीरें प्रतिदिन प्रदेश की जनता खुली आंखों से देख रही है, इनकी मौत के आंकड़े सामने हैं, लेकिन शायद आपकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई है, इसलिए आपको ये तस्वीरें व सच्चाई दिखाई नहीं दे पा रही हैं. प्रदेश की जनता, कई सामाजिक व कई स्वयंसेवी संगठन, कांग्रेसजन इन मजदूरों को सड़कों पर खाना खिला रहे हैं, जूते-चप्पल पहना रहे हैं, पानी पिला रहे हैं, अपनी गाड़ी से घरों तक छोड़ रहे हैं, सरकार की कोई व्यवस्था इन मजदूरों के लिए नहीं है. उलटा भोजन मांगने पर प्रदेश की धरती पर इन मजदूरों पर बर्बर तरीके से लाठियां तक बरसाई गईं और आप इतना बड़ा झूठ बोल रहे हैं कि प्रदेश में कोई मजदूर भूखा, प्यासा व पैदल चलता हुआ आपको नहीं दिखेगा?” कमल नाथ ने राज्य सरकार के दावे को ‘झूठा’ करार देते हुए कहा, “दावे जितने किए जा रहे हैं, जमीनी हकीकत आज भी उससे उलट है. आपकी कथनी और करनी में अंतर प्रदेश की जनता साफ देख चुकी है व मजदूर भाई भी इसे कभी भूलेंगे नहीं.” Also Read - मध्य प्रदेश में फंसे पश्चिम बंगाल के प्रवासियों के लिए अच्छी खबर, 2 और 6 जून को चलेंगी विशेष ट्रेनें