भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath) ने गरीबों का 6 माह तक का बिजली बिल माफ़ करने की मांग की है. कमलनाथ ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और उद्योगों से ‘जितनी बिजली उतना दाम’ के सिद्धांत पर बिल वसूली की जाए. और गरीब हितग्राहियों का छह माह का बिजली बिल माफ हो. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बारे में पत्र भी लिखा है. पत्र में उन्होंने कहा है कि कोरोना के कारण लॉकडाउन है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है. रोजगार के सभी साधन और कल-कारखाने बंद पड़े हैं. ऐसे में प्रदेश में बिजली के भारी-भरकम बिल सभी वर्गो की परेशानी का कारण बन रहे हैं. Also Read - Coronavirus in Indore Update: मध्य प्रदेश में कोरोना का गढ़ बना इंदौर, 135 लोगों की मौत, संक्रमितों की संख्या 3500 के पार

कमलनाथ ने लिखा कि इन स्थितियों में उपभोक्ताओं से बिजली बिल में वास्तविक बिजली खपत के साथ-साथ फिक्स चार्ज भी लिया जा रहा है, जबकि उद्योग, व्यवसाय, प्रतिष्ठानों आदि बंद हैं. इससे आम जनता, व्यवसाय जगत और उद्योग क्षेत्र में बहुत रोष है. कमल नाथ ने लिखा है, “हमारी सरकार द्वारा इंदिरा गृह ज्योति योजना और इंदिरा किसान ज्योति योजना की शुरुआत की गई थी, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं और किसान भाइयों को बिना किसी भेदभाव के बिजली के बिलों में भारी रियायत दी गई थी, मगर अब भारी भरकम बिल दिए जा रहे हैं.” Also Read - Lockdown 5.0: मध्य प्रदेश में 15 जून तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, 13 जून के बाद खोले जाएंगे स्कूल

पूर्व मुख्यमंत्री ने घरेलू उपभोक्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और उद्योगों से जितनी बिजली उतना दाम के सिद्धांत फिक्स चार्ज आरोपित न करते हुए वास्तविक खपत के आधार पर ही बिल लेने का अनुरोध किया है. साथ ही कहा है कि इंदिरा गृह ज्योति योजना के गरीब हितग्राहियों के छह माह के बिल माफ किए जाएं. यह निर्णय प्रदेश की जनता और व्यवसाय जगत के साथ उद्योग के हित में होगा. Also Read - मध्य प्रदेश में फंसे पश्चिम बंगाल के प्रवासियों के लिए अच्छी खबर, 2 और 6 जून को चलेंगी विशेष ट्रेनें