इंदौर: मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में कांग्रेस के तीन दिग्गज नेताओं पर सोमवार को चुनावी हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ उन्हें लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए उनके खिलाफ षड़यंत्रों का जाल बिछा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, “कांग्रेस नेताओं को मुगालता है कि सूबे में सत्ता विरोधी रुझान है. वे इस बार मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने के सपने देख रहे हैं.” Also Read - राजस्थान में सियासी संग्राम: सिंधिया को BJP में ले जाने वाले ज़फर इस्लाम फिर सक्रिय, सचिन पायलट से साधा संपर्क!

शिवराज सत्तारूढ़ बीजेपी की जन आशीर्वाद यात्रा के तहत जिले के सांवेर विधानसभा क्षेत्र के मांगलिया गांव में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने इशारों ही इशारों में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को राजा, प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के प्रमुख ज्योतरादित्य सिंधिया को महाराजा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को उद्योगपति बताया. Also Read - राजस्थान की सियासी उठापटक में कूदे सिंधिया, Tweet कर कहा- मेरे सहयोगी रहे सचिन पायलट भी हुए दरकिनार, अब कांग्रेस में...

सीएम ने कहा, “राजा, महाराजा और उद्योगपति मुझसे बेहद परेशान हैं. उन्हें लग रहा है कि मुझ जैसा किसान का बेटा लगातार 13 साल से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर किस तरह आसीन है. उन्हें दिन-रात मैं ही दिखायी देता हूं.” Also Read - मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस को एक और झटका, पार्टी के विधायक ने इस्‍तीफा देकर बीजेपी ज्‍वाइन की

शिवराज ने कहा, “इन नेताओं को डर है कि कहीं मैं चौथी बार मुख्यमंत्री न बन जाऊं. इसलिए वे मेरे खिलाफ षड़यंत्रों का जाल बिछा रहे हैं और आए दिन मुझ पर उल्टे-सीधे आरोप लगा रहे हैं.”

शिवराज ने कहा कि कांग्रेस ने सूबे की मतदाता सूची में गड़बड़ी के झूठे आरोप लगाकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन शीर्ष अदालत ने कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी.

शिवराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कानूनी बाधाएं खड़ी कर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के क्रियान्वयन को रोकने की कोशिश की और “गरीबों का हक मारने का प्रयास किया.”

आगामी विधानसभा चुनावों से ऐन पहले पेश इस योजना को सत्तारूढ़ बीजेपी का बड़ा दांव माना जा रहा है. इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर तबके के हितग्राहियों के बिजली बिल माफ किए जाते हैं और उन्हें अन्य तरीकों से सरकारी मदद दी जाती है.