भोपाल: कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर मध्यप्रदेश सरकार ने एहतियात तौर पर भोपाल एवं जबलपुर सहित आठ जिलों को लॉकडाउन कर दिया है. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को 26 वर्षीय एक छात्रा कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई है. यह भोपाल में कोविड-19 का पहला मामला है. इसी के साथ मध्यप्रदेश में इस वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढकर पांच हो गई है. Also Read - Covid-19 : भारत में कोरोना के 1 हजार मामले, घर जाने को बेताब प्रवासी मजदूर, यूरोप में लगा लाशों का ढेर

मध्य प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना वायरस का पहला मामला आया. इस दिन चार लोग जबलपुर शहर में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए. इनमें दुबई से लौटे एक परिवार के तीन सदस्य और जर्मनी से वापस आया एक व्यक्ति शामिल है. Also Read - Covid-19: तेलंगाना में कोरोना वायरस से पहली मौत, 6 नए मामले

संक्रमण के मद्देनजर मध्यप्रदेश सरकार ने एहतियात तौर पर भोपाल एवं जबलपुर सहित आठ जिलों को लॉकडाउन कर दिया है. इनके दोनों जिलों के अलावा, छह अन्य जिलों सिवनी, बालाघाट, बैतूल, ग्वालियर, छिन्दवाड़ा और नरसिंहपुर को भी शनिवार से लॉकडाउन किया गया है. Also Read - Covid-19: BCCI ने प्रधानमंत्री के आपदा प्रबंधन राहत कोष में दिए 51 करोड़ रूपये

इन आठ जिलों में से नरसिंहपुर में 14 दिनों तक बंद रहेगा, जबकि भोपाल में तीन दिन यानी 72 घंटे का लॉकडाउन किया गया है. बाकी सात जिलों को दो या तीन दिनों तक बंद किया जाएगा.

इससे पहले मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तरुण भनोत ने बताया कि प्रदेश के चार सात जिलों जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, बैतूल, ग्वालियर, छिन्दवाड़ा और नरसिंहपुर को शनिवार से लॉकडाउन किया गया है. उन्होंने कहा कि इन सात जिलों में नरसिंहपुर में 14 दिनों तक बंद रहेगा, जबकि बाकी छह जिलों को दो या तीन दिनों तक बंद किया जाएगा.

भनोत ने बताया कि इन चारों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज कराया जा रहा है. इन सभी की हालत स्थिर है. उन्होंने कहा कि हम पूरे मध्यप्रदेश में कड़ी नजर रख रहे हैं .

भोपाल के कलेक्टर तरुण कुमार पिथोडे ने बताया, ‘भोपाल में रविवार को एक लड़की कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई . वह तीन दिन पहले लंदन से भोपाल लौटी थी. वह लंदन में लॉ में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही है और 17 मार्च को लंदन से दिल्ली पहुंची. उसके बाद 18 मार्च को वह भोपाल आई.’ इस लड़की के नमूने कल जांच के लिए भेजे गए  थे और जांच में उसके संक्रमित होने का पता चला है. इस लड़की को शहर के एक अस्पताल में पृथक वार्ड में रखा गया है.

कलेक्टर पिथोडे ने बताया कि इस महिला के घर एवं आसपास के इलाके को भी सैनिटाइज कर दिया गया है. इस लड़की के माता-पिता को भी पृथक रहने को कहा गया है.

कलेक्‍टर ने कहा ‘‘स्थिति को देखते हुए भोपाल जिले में तत्काल प्रभाव से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है. यह लॉकडाउन 24 मार्च की रात्रि 12 बजे तक रहेगा. इसमें किसी भी व्यक्ति को अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी. जिले की सभी सीमाएं सील की गई हैं. किसी भी माध्यम सड़क एवं रेल से जिले की सीमाओं में बाहरी लोगों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया है.’’

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के तहत स्कूल, कालेज, सिनेमा हॉल, संग्रहालयों, नेशनल पार्क, टाइगर रिजर्व और मॉल को पहले ही बंद कर दिया गया है. वहीं मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र व राजस्थान के बीच बस सेवा को भी 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है.

इसके अलावा, कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए मध्यप्रदेश में स्थित दो प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर 31 मार्च तक प्रतिबंध लगाया गया है.

इसी बीच, मध्यप्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से चर्चा कर उन्हें निर्देश दिया कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए प्रदेश में पर्याप्त सतर्कता रखी जाए. उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश में आवश्यकता अनुसार तब तक सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करते हुए पूर्णत: बंद रखा जाए, जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ जाती है.

कमलनाथ ने आम जनता से भी आह्वान किया कि वे स्वेच्छा से अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद करके अपने घरों में रहें, सामाजिक समारोहों का आयोजन न करें तथा यात्राएं न करें ताकि कोरोना वायरस की महामारी को प्रदेश में फैलने से रोका जा सके. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तावित ‘जनता कर्फ्यू’ के मद्देनजर मध्यप्रदेश की सड़कें रविवार सुबह से सुनसान रहीं और सार्वजिक स्थलों पर सन्नाटा रहा.