नई दिल्‍ली: मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रिमंडल के हाल ही में हुए गठन के 11 दिन विभागों का बंटवारा कर दिया. रविवार को भोपाल में मंत्रियों के विभागों के बंटवारा की प्रक्रिया चलती रही हालांकि, लिस्ट सोमवार सुबह ही आई है. गृह मंत्रालय के साथ स्वास्थ्य विभाग की जिम्‍मेदारी संभाल रहे नरोत्तम मिश्रा के पास अब सिर्फ गृह विभाग की होगा और स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्‍मेदारी सिंधिया समर्थक डॉ. प्रभुराम चौधरी को दी गई है. Also Read - प्लाज्मा दान करेंगे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बोले- कोरोना वायरस पर जीत से कम कुछ नहीं चाहिए

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पास सामान्य प्रशासन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन समेत ऐसे विभाग रखे हैं, जो किसी अन्य मंत्री के पास नहीं हैं. Also Read - मध्य प्रदेश: मास्क न लगाने पर मंत्री, जनप्रतिनिधियों पर भी होगी कार्रवाई, CM ने कहा- 14 अगस्त तक दौरे भी न करें

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बता दें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा था कि वह अपने मंत्रियों को विभागों का आवंटन कल यानि रविवार को करेंगे. लेकिन रात में लिस्‍ट जारी नहीं की जा सकी. मंत्रियों को शपथ लेने के बाद भी विभाग आवंटन न होने पर पूछे गये सवाल के जवाब में चौहान ने मुस्कराते हुए संवाददाताओं को यहां कहा, ‘‘वो मेरा काम है। अच्छा आज ग्वालियर में कह रहा हूं. कह दूं. कल कर दूंगा.’’

बता दें पहले सात जुलाई को तीन दिवसीय दिल्ली के दौरे से भोपाल लौटने के बाद चौहान ने एक सवाल के जवाब में भोपाल में मीडिया से कहा था, ”मंत्रिपरिषद का विस्तार तो हो गया. विभाग अब बंटने वाले हैं। आज (सात जुलाई को) और वर्कआउट करूंगा थोड़ा और जल्दी बांट दूंगा.’’ लेकिन इसके 5 दिन बाद भी मंत्रियों को विभाग नहीं मिले थे.

– मध्य प्रदेश में दो जुलाई को चौहान ने मंत्रिपरिषद का विस्तार कर 28 मंत्रियों को शामिल किया गया था
– 10 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें विभाग नहीं मिले थे
– नए मंत्रियों में 12 ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक भी शामिल हैं
– ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक विधायकों के मार्च में कांग्रेस से इस्तीफे के बाद राज्य की कमलनाथ सरकार गिर गई थी
– सिंधिया खेमे के दो मंत्री तुलसी सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत पहले से ही हैं.
– इसी के साथ कमलनाथ की पूर्व सरकार गिराने वाले 22 बागियों में से 14 बागी मंत्री बने हैं. ये सभी 14 मंत्री वर्तमान में विधायक नहीं हैं. इनमें से अधिकतर सिंधिया समर्थित नेता हैं.