भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने इंदौर में दर्ज किए गए राज्‍य के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) में मंगलवार को बदलाव किया है. मुख्यालय के ताजा आदेश के अनुसार इस एसआईटी का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (काउंटर इंटेलीजेंस) संजीव शमी करेंगे. बदलाव की वजह एसआईटी के पूर्व प्रमुख, पुलिस महानिरीक्षक डी. श्रीनिवास वर्मा द्वारा जांच में असमर्थता जाहिर किए जाने को माना जा रहा है. Also Read - स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ मीडियकर्मियों को भी प्राथमिकता से कोविड-19 वैक्सीन लगाई जाए: कमलनाथ

पुलिस महानिदेशक वी. के. सिंह द्वारा नवगठित एसआईटी का प्रमुख संजीव शमी को बनाया गया है. वहीं, सात अन्य सदस्यों में इंदौर के एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा भी शामिल हैं. बता दें पुलिस ने इंदौर नगर निगम के अधीक्षण इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर हनी ट्रैप गिरोह का खुलासा किया था. गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह सदस्यों को भोपाल और इंदौर से गिरफ्तार किया गया था. Also Read - MP का प्‍यारे मियां रेपकांड: दुष्‍कर्म पीड़िता ने भोपाल के सरकारी अस्पताल में तोड़ा दम, उठे ये सवाल

गिरोह पर कई रसूखदार लोगों को आकर्षक महिलाओं के जरिए जाल में फांसने का संदेह है. गिरोह खुफिया कैमरों से अंतरंग पलों के वीडियो बनाकर अपने “शिकार” को इस आपत्तिजनक सामग्री के बूते ब्लेकमैल करता था. पुलिस ने इस गिरोह के छह आरोपियों श्वेता विजय जैन, आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी और इनके चालक ओमप्रकाश कोरी गिरफ्तार किया है. Also Read - Madhya Pradesh: 'Tandav' के खिलाफ दो शहरों में FIR, बीजेपी नेता ने उद्धव ठाकरे को भेजा पत्र

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंगलवार को बताया गया कि इंदौर के पलासिया पुलिस थाना में गत 17 सितंबर 2019 को एक फरियादी की शिकायत पर दर्ज किए गए अपराध क्रमांक 405/19 से संबंधित घटना की जांच व पर्यवेक्षण के लिए पुलिस मुख्‍यालय द्वारा गठित एसआईटी (विशेष जाँच टीम) में अपरिहार्य कारणों से आंशिक बदलाव किया गया है.

पुलिस महानिदेशक विजय कुमार सिंह ने अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक (काउंटर इंटे‍लीजेंस) संजीव शमी को समिति के अध्‍यक्ष की जिम्‍मेदारी सौंपी है. पूर्व में पुलिस महानिरीक्षक (अपराध अनुसंधान) डी.श्रीनिवास वर्मा को समिति का अध्‍यक्ष बनाया गया था. इसके अलावा वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक  इंदौर शहर रूचिवर्धन मिश्र को भी एसआईटी में शामिल किया गया है.

पुलिस महानिदेशक ने इंदौर के पलासिया थाने में दर्ज इस आपराधिक प्रकरण से संबंधित हर पहलू की बारीकी से जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.

बता दें पुलिस ने इंदौर नगर निगम के अधीक्षण इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर हनी ट्रैप गिरोह का खुलासा किया था. गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह सदस्यों को भोपाल और इंदौर से गिरफ्तार किया गया था. नगर निगम अधिकारी ने पुलिस को बताया कि गिरोह ने उनके कुछ आपत्तिजनक वीडियो क्लिप वायरल करने की धमकी देकर उनसे तीन करोड़ रुपए की मांग की थी. ये क्लिप खुफिया तरीके से तैयार किए गए थे.

गिरोह पर कई रसूखदार लोगों को महिलाओं के जरिए जाल में फांसने का संदेह है. गिरोह खुफिया कैमरों से अंतरंग पलों के वीडियो बनाकर अपने “शिकार” को इस आपत्तिजनक सामग्री के बूते ब्लेकमैल करता था. पुलिस ने इस गिरोह के छह आरोपियों श्वेता विजय जैन, आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी और इनके चालक ओमप्रकाश कोरी गिरफ्तार किया है. इस मामले में विस्तृत जांच जारी है.