नई दिल्ली. मध्यप्रदेश में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके मद्देनजर राजनीतिक दलों की तैयारियां लंबे अर्से से चल रही हैं. अब सभी दल किसी भी दिन चुनाव की अधिसूचना घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं. प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी लगातार चौथी बार राज्य की सत्ता हासिल करने की कोशिश में जुटी है. वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस, भाजपा को चुनाव में शिकस्त देने की रणनीति पर काम कर रही है. भाजपा की ओर से जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रमुख चेहरा हैं, वहीं कांग्रेस ने हालांकि अभी तक किसी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. लेकिन पार्टी के सांसद और ग्वालियर रियासत से ताल्लुक रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया, आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की ओर से बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं. सियासी गहमा-गहमी के बीच दोनों दल, अपने-अपने तरीके से वोटरों को रिझाने की कवायद में जुटे हैं. इसी क्रम में भारत सरकार ने ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जन्मशती मनाने की घोषणा की है.

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राजमाता विजयाराजे सिंधिया, जो पूर्व में भाजपा की सांसद भी रह चुकी हैं, की जन्मशती समारोह के आयोजन को चुनावी साल में भाजपा की रणनीति के तौर पर ही देखा जा रहा है. सियासी जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, सीएम शिवराज के सामने प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं. ऐसे में राजमाता का जन्मशती समारोह भाजपा के लिए रणनीतिक-लाभ देने वाला कार्यक्रम हो सकता है. बहरहाल, भारत सरकार द्वारा आयोजित किया जाने वाला यह समारोह इस वर्ष 11 अक्टूबर से अगले साल 11 अक्टूबर तक मनाया जाएगा. संस्कृति मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी. बता दें कि कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजमाता विजयाराजे सिंधिया के पोते हैं.

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बयान में बताया गया है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय राष्ट्रीय क्रियान्वयन समिति (एनआईसी) सालभर चलने वाले समारोहों के लिए कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत करेगी. इस अवधि में राजमाता सिंधिया के सम्मान में 100 रुपए का स्मारक सिक्का एवं स्मारक डाक टिकट जारी किए जाने का प्रस्ताव है. इसमें बताया गया है कि इस दौरान होने वाली अन्य गतिविधियों में सम्मेलन, व्याख्यान, प्रकाशन एवं महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. ग्वालियर की राजमाता के तौर पर प्रसिद्ध विजयाराजे सिंधिया का जन्म 11 अक्टूबर,1919 को मध्य प्रदेश के सागर में हुआ था. उनका निधन 25 जनवरी 2001 में हुआ. वह 1957 से 1998 के बीच वह कई बार सांसद रहीं और उन्होंने दो किताबें भी लिखी हैं.

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