नई दिल्ली: मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर आज वोटिंग होगी. 227 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक और बालाघाट जिले के तीन नक्सल प्रभावित विधानसभा क्षेत्रों परसवाड़ा, बैहर और लांजी में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा. कुल 5,04,95,251 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे जिनमें 2,63,01,300 पुरुष, 2,41,30,390 महिलाएं और 1,389 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. इनमें से 65,000 सर्विस मतदाता डाक मतपत्र से पहले ही मतदान कर चुके हैं. बाकी 5,04,33,079 मतदाता आज अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे. राव ने कहा कि इस चुनाव के लिए 1,094 निर्दलीय उम्मीदवारों सहित कुल 2,899 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 2,644 पुरुष, 250 महिलाएं औक पांच ट्रांसजेंडर शामिल हैं.

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वोटिंग से एक दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने परिवार के सदस्यों के साथ मंगलवार को टी टी नगर इलाके स्थित इंडियन कॉफी हाउस में गए. उन्होंने वहां वडा-सांबर का स्वाद लेने के साथ-साथ गरम-गरम कॉफी पी ताकि मतदाताओं में यह संदेश दिया जा सके कि वह चुनाव परिणाम के बारे में बेफिक्र हैं. ‘मामा‘ के नाम से लोकप्रिय 59 वर्षीय चौहान 13 साल से प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और बीजेपी ने इस बार भी उन्हें अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया है. सीएम को यकीन है कि सत्ता विरोधी लहर नहीं बल्कि सत्ता समर्थक लहर के बूते बीजेपी ‘सुविधाजनक बहुमत’ हासिल कर प्रदेश में लगातार चौथी दफा सरकार बनाएगी.

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मतदान से एक दिन पहले उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में हम ‘सुविधाजनक बहुमत’ हासिल करेंगे. चौहान के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश में लगातार तीसरी दफा चुनाव में उतरी है. तीसरे चुनाव के परिदृश्य संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा, ‘2008 और 2013 के पिछले दो विधानसभा चुनावों से माहौल इस बार बेहतर है. मुझे तो लगता है इस बार ज्यादा पक्ष में है. विशेषकर गरीब कल्याण की योजनाओं से समाज के सभी वर्गो विशेषकर निचले तबके के लोगों को बीजेपी की ओर अधिक प्रभावित किया है. पिछले दोनों चुनावों की तुलना में इस बार अंतर यह है कि हमारी सभाओं में विशेष तौर पर गरीब और निचले तबके के लोग अधिक आ रहे हैं.

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इस सवाल पर कि अगले पांच साल में वह स्वयं को कहां देखना पसंद करेगें, पर मुख्यमंत्री चौहान ने कि मैं मध्यप्रदेश में ही रहना पसंद करुंगा. मेरी अंतरात्मा मध्यप्रदेश में ही बसती है. मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाना है और प्रदेश की 7.25 करोड़ जनता मेरा परिवार है. मुख्यमंत्री के नाते नहीं, परिवार के नाते मैं इनकी सेवा करता हूं. मध्यप्रदेश की जनता के साथ मेरा भावनात्मक संबंध है, यह राजनीतिक नहीं है. मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद यात्रा सहित चुनाव प्रचार को मिलाकर अब तक प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों का दौरा कर चुके हैं और चुनाव नामांकन के बाद से प्रचार थमने तक पूरे प्रदेश में प्रतिदिन 12 जनसभाओं के प्रतिदिन के औसत से कुल 154 आमसभाओं को सम्बोधित कर चुके हैं. यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

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चौहान नवंबर 2005 में प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे और चौहान के नाम मध्य प्रदेश के सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकार्ड दर्ज हो चुका है. चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में कहा, ‘और कहां क्या कहना चाहिए, भैया को यही नहीं पता है. बुधनी में रॉफेल कहोगे तो कोई समझेगा कि राफेल है क्या? पता नहीं उनका पॉलीटिकल एडवाइजर कौन है, कहां क्या कहना है, क्या कहना चाहिए, यह तो बताये.

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दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से एक दिन पहले मंगलवार को राज्य के लोगों से अपनी पार्टी के लिए समर्थन की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने सभी वचनों को लेकर प्रतिबद्ध है और सरकार बनने के साथ ही इन पर अमल शुरू कर देगी. राज्य की जनता के नाम लिखे पत्र में गांधी ने किसानों का कर्ज माफी करने, बिजली की दर आधा करने, युवाओं को नौकरी और महिला विरोधी हिंसा के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने जैसे कांग्रेस के वादों का उल्लेख किया है.

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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मध्य प्रदेश मेरे लिए मात्र एक राज्य का नाम नहीं है. मेरे लिए मध्यप्रदेश किसानों की इच्छाशक्ति, बेटियों का आत्मबल, युवाओं की उम्मीद और गरीबों की जीत का नाम है. पिछले 15 वर्षों में मध्यप्रदेश की इस पहचान को नुकसान पहुँचाया गया है. यहाँ फसलों के दाम माँगने पर किसानों के सीने में गोलियाँ मार दी गईं, उनकी अपेक्षाओं को कुचला गया, युवाओं के अवसरों को अंधकार से भरा गया है, बेटियों के भविष्य में भय लिख दिया गया है. याद कीजिए, मध्यप्रदेश पिछले 10-15 सालों में देश भर में चर्चा में किसलिए रहा है, लाखों युवाओं के भविष्य का घोटाला व्यापम, बेटियों के दुष्कर्म, सर्वाधिक कुपोषण, रेत माफिया, ई-टेंडर घोटाला, बुंदेलखंड पैकेज घोटाला इत्यादि .

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गांधी ने कहा, ‘यहां किसान सड़कों पर हैं, बेरोजगार, युवा दरबदर की ठोकरें खा रहा है, बेटियों का घर से निकलना मुश्किल है. मध्यप्रदेश को गौरव हासिल है सर्वाधिक आदिवासियों की आबादी का, मगर उनके वनाधिकार और आजीविका को छीना जा रहा है, उन्हें वनों से निकाला जा रहा है . इन सब निराशाओं के बीच मध्यप्रदेश के नागरिकों को अब एक उम्मीद बंधी है कांग्रेस के वचन से.

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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मेरा सीधा मानना है कि किसानों को कर्ज से उबारने का मतलब है – अर्थव्यवस्था को उबारना. किसान आर्थिक रूप से संपन्न होगा तो देश की अर्थव्यवस्था भी पटरी पर आएगी. मैं नहीं समझ पाता हूँ कि भाजपा इसका विरोध क्यों कर रही है? मुझे खुशी है कि कांग्रेस के प्रयासों से देश की राजनीति का रुख़ किसान केंद्रित हो गया है.’उन्होंने कहा, ‘‘अब उम्मीदों का नया सवेरा होने को है, मध्यप्रदेश तरक्की की नई उड़ान की तैयारी कर रहा है. प्रदेश के नागरिकों से अपील करना चाहता हूँ: अब बढ़ाओ कदम ,मध्यप्रदेश को मिलकर, अच्छी सरकार देंगे हम.

(इनपुट भाषा)