नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राज्य के सभी प्रसिद्ध मंदिरों का दौरा करेंगे. पार्टी को लगता है कि आधे से ज्यादा प्रसिद्ध मंदिर राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 115 पर वोटरों को प्रभावित करते हैं. राज्य पार्टी अध्यक्ष कमलनाथ और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया इन सभी मंदिर यात्राओं पर गांधी के साथ दिखाई दे रहे हैं लेकिन कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जो कि अब पार्टी की समन्वय समिति के प्रमुख हैं और जिन्होंने हिंदू आतंकवाद जैसे मुद्दों को उठाया था, गांधी की मंदिर यात्रा के साथ नजर नहीं आते.

कांग्रेस अध्यक्ष पहले से ही राज्य के ऐसे तीन मंदिरों का दर्शन कर चुके हैं. राहुल पिछले महीने चित्रकूट में कमतनाथ मंदिर, दतिया में पितंबारा पीठ और सोमवार को ग्वालियर में अंकलेश्वर मंदिर गए. राहुल ने अपनी मध्यप्रदेश की यात्रा के दौरान इस महीने के शुरुआत में जबलपुर के गवारी घाट में नर्मदा आरती भी की थी. इस महीने के अंत तक राहुल गांधी मालवा क्षेत्र की यात्रा के दौरान राज्य की दो ज्योतिर्लिंगों उज्जैन के महाकलेश्वर मंदिर और ओमकारेश्वर जिले में स्थित ओमकारेश्वर पीठ जाएंगे. राहुल की इन यात्राओं के बाद कांग्रेस निवाड़ी जिले के ओरछा में राम राजा मंदिर और लक्ष्मी नारायण मंदिर जाने की योजना पर काम कर रही है.

राहुल गांधी अपनी वर्तमान यात्रा के दौरान ग्वालियर में मोती मस्जिद और गुरुद्वारा भी गए थे. हिन्दुत्व के साथ ही कांग्रेस पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि पर जोर दे रही है. राहुल गांधी ने राज्य की अपनी यात्रा के दौरान अंकलेश्वर मंदिर, मोती मस्जिद और गुरुद्वारा के दौरे की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा, भारत का विचार इस बात से शुरू होता है कि देश विविधता से भरा हुआ है.

भारत का विचार यह है कि इसमें हर कोई समाहित है. यह विचार कि हम एक हैं और एक ही रहेंगे. गांधी ने इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर किया है जिसमें उन्हें मोती मस्जिद में एक टोपी पहने हुए देखा जा सकता है. कांग्रेस का कहना है कि मध्य प्रदेश में मंदिरों का दौरा करना गांधी परिवार की परंपरा रही है. राहुल गांधी का मंदिर जाना उसी का हिस्सा है. इंदिरा गांधी ने अपने जीवन में तीन बार दतिया में पितंबारा पीठ का दौरा किया था और राजीव गांधी एक बार यहां आए थे.