भोपाल: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के तहत बुधवार को मतदान होना है. दो दिन पहले चुनाव प्रचार थम चुका है और अब सभी उम्मीदवार घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं. राज्य में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच है. भाजपा ने जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रचार की कमान सौंप रखी थी, तो दूसरी ओर कांग्रेस की तरफ से प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रचार की कमान संभाले रहे. राज्य में बीते 16 दिनों में भाजपा की ओर से शिवराज के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अध्यक्ष अमित शाह, प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, थावरचंद गहलोत, योगी आदित्यनाथ और स्मृति ईरानी प्रचार में जुटे रहे तो कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, नवजोत सिंह सिद्धू, राज बब्बर, दिग्विजय सिंह, अजय सिंह और विवेक तन्खा ने कई जनसभाएं की. इसके अलावा सपा के मुखिया अखिलेश यादव, बसपा की मायावती, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल और प्रदेश प्रभारी गोपाल राय चुनाव प्रचार में जुटे रहे.Also Read - Red Chilli in MP: मप्र के मिर्ची कारोबारी चाहते हैं ब्रांडिंग, अच्छी पैदावार के बावजूद मुसीबत में किसान

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राज्य के दो प्रमुख नेताओं- शिवराज सिंह चौहान और सिंधिया की सक्रियता पर गौर करें तो एक बात साफ हो जाती है कि जहां भाजपा ने चौहान को खुलकर प्रचार का मौका दिया तो वहीं कांग्रेस ने सिंधिया को राज्य के हर हिस्से में सभाएं करने की छूट दी. यही कारण रहा कि चौहान प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के साथ कई स्थानों पर मंच साझा करने नहीं पहुंचे, तो वहीं सिंधिया ने भी कई सभाओं में राहुल गांधी का साथ नहीं दिया. भाजपा की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, “चौहान ने 16 दिनों में 121 जनसभाओं को संबोधित किया. इससे पहले वे जन आशीर्वाद यात्रा के जरिए ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास कर चुके थे. चौहान की सभाओं की मांग लगभग हर प्रत्याशी की ओर से आई थी, जिस पूरा करने का पार्टी की ओर से प्रयास भी किया गया.

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वहीं कांग्रेस प्रचार अभियान समिति के समन्वयक मनीष राजपूत ने बताया, “सिंधिया को प्रदेश के अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों से सभाएं कराने का अनुरोध आया था, मगर समय की कमी के चलते सिंधिया ने 15 दिनों मे 59 विधानसभा क्षेत्रों में 96 जनसभाओं के संबोधित किया. एक दिन में औसतन छह से अधिक जनसभाओं को संबोधित किया. इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने 10, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 27, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 31 कमलनाथ ने 87 जनसभाओं को संबोधित किया. इस चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री चौहान अपने निर्वाचन क्षेत्र बुधनी में नामांकन भरने के बाद एक भी जनसभा करने नहीं पहुंचे. राज्य के 230 विधानसभा क्षेत्रों के लिए बुधवार को मतदान होना है, भाजपा के 230 और कांग्रेस के 229 उम्मीदवार मैदान में हैं. दोनों दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत लगाई है और जीत के लिए हर तरह के दांव-पेच आजमाए हैं. अब उम्मीदवार व उनके समर्थक अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर दस्तक दे रहे हैं. साथ ही मतदाताओं से ज्यादा मतदान की अपील भी की जा रही है.

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