नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में 7 दिसंबर को विधानसभा के चुनाव होने हैं. मतदाताओं को वोटिंग के लिए जागरूक करने को लेकर प्रशासन की ओर से कई तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इस बीच आदिवासी बहुल इलाके में वोटरों को जागरूक करने के लिए चलाया गया अभियान विवादों में आ गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक झुबुआ जिला में लोगों मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए शराब के दुकानदारों को स्किटर दिए गए.

दुकानदारों से इन स्टिकरों को शराब की बोतलों पर चिपकाने के लिए कहा गया था. दुकानदारों ने बताया कि ये स्किटर उन्हें एक्साइज डिपार्टमेंट की ओर से दिए गए थे और कहा गया था कि लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए बोतलों पर चिपका दिए जाएं. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद इस फैसले को वापस ले लिया गया है.

झाबुआ जिले के एक्साइज डिपार्टमेंट अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन ने सोचा कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे कैंपेन के तहत इस तरह के स्टिकर्स को शराब की बोतलों पर भी लगाया जाए जिससे लोग अपने मताधिकार के प्रति जागरूक हो सकें. हालांकि अब विभाग ने इस फैसले को वापस ले लिया है. अधिकारी ने बताया कि दुकानदारों से इन स्टिकर्स को वापस करने के लिए कहा गया है.द

माडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिले में दो लाख स्टीकर छपवाए गए थे और जिलेभर के शराब ठेकेदारों को बोतलों पर चिपकाने के लिए कहा गया था. आबकारी विभाग ने शराब की बोतलों पर मतदाताओं को जागरूक करने के लिए जो स्टीकर चिपकाए हैं, उन पर आदिवासी भाषा में जो लिखा है सभी को वोट करना जरूरी है, बटन दबाना है, वोट डालना है. वहीं इन स्टीकरों के चलते बोतल पर लिखी वैधानिक चेतावनी भी दब गई है. आदिवासी अंचल में इस प्रकार शराब के माध्यम से प्रोत्साहन को लेकर विरोध के बाद फैसले को वापस ले लिया गया है.