नई दिल्ली: मध्य प्रदेश की 230 सीटों के नतीजे आ गए हैं. कांग्रेस 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन वह बहुमत से 2 सीट पीछे रह गई है. वहीं पिछले 15 सालों से सत्ता में रही बीजेपी को 109 सीटें मिली हैं. मायावती की बहुजन समाज पार्टी को दो सीटें और सपा को एक सीट मिली है. वहीं 4 सीटों पर निर्दलीयों जीत हासिल की है. वोट प्रतिशत के मामले में बीजेपी कांग्रेस के आगे है लेकिन सीटों के मामले में वह 5 सीटें पीछे रह गई है. बीजेपी को 41 प्रतिशत वोट मिले हैं वहीं कांग्रेस को 40.9 प्रतिशत वोट मिले हैं. यानी कि दोनों पार्टियों में वोट का जो अंतर है वह .1 प्रतिशत है.

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2013 के चुनाव में बीजेपी को 165 सीटें मिली थीं वहीं कांग्रेस को 58 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. बीजेपी को 2013 में 45.2 प्रतिश वोट मिले थे जबकि कांग्रेस को 36.6 प्रतिशत वोट मिले थे. इस चुनाव में क्षेत्रवार आंकड़े देखें तो मालवा का जो क्षेत्र है वहां कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटों का फायदा मिला है.

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बुंदेलखंड और बघेलखंड में 56 सीटें हैं यहां बीजेपी को 2 सीटों का फायदा मिला है जबकि कांग्रेस को दो सीटों का नुकसान हुआ है. 2013 में बीजेपी ने यहां 36 सीटें जीती थीं वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 38 हो गई है. पिछले चुनाव में कांग्रेस ने 18 सीटें जीती थी वहीं इस बार उसे 16 सीटें मिली हैं. बीएसपी को एक सीट का नुकसान हुआ है. महाकौशल में 43 सीटें हैं यहां कांग्रेस को 15 सीटों का फायदा हुआ है. 2013 में कांग्रेस ने इस क्षेत्र में 13 सीटें जीती थीं जो इसबार बढ़कर 28 हो गई है. बीजेपी की यहां 29 सीटें थी जो घटकर 14 सीटें हो गई हैं.

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मालवा और निमाड़, बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में पार्टी को जबरदस्त नुकसान हुआ है. 2013 में बीजेपी ने यहां की 66 में से 56 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार उसे सिर्फ 29 सीटें मिली हैं. यानी बीजेपी को यहां 27 सीटों का नुकसान हुआ है. वहीं कांग्रेस को इस क्षेत्र में 29 सीटें मिली हैं. पिछले चुनाव में कांग्रेस को यहां सिर्फ 9 सीटें मिली थीं. इस बार कांग्रेस को 25 सीटों का फायदा हुआ है.

ग्लावियर और चंबल इलाके में 34 सीटें हैं. 2013 के चुनाव में बीजेपी को इस इलाके में 20 सीटें मिली थीं. इस बार उसे 13 सीटों का नुकसान हुआ है और उसकी संख्या घटकर 7 हो गई है. कांग्रेस को 14 सीटों का फायदा मिला है और वह अपनी सीटों की संख्या 12 से बढ़ाकर 26 करने में कामयाब रही है. मध्य भारत के इलाके में बीजेपी को सिर्फ दो सीटों का नकुसान हुआ है वहीं कांग्रेस को तीन सीटों का फायदा मिला है. 2013 में बीजेपी की यहां 24 सीटें थीं जो घटकर 22 हो गई हैं वहीं कांग्रेस ने 6 से अपनी सीटें 9 कर ली हैं.

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कुल मिलाकर देंखे तो बुंदेलखंड में इस बार भी नतीजे 2013 की तरह ही रहे हैं. लेकिन महाकौशल, मालवा, निमाड़ और ग्वालियर-चंबल इलाके में बड़ा बदलाव दिखने को मिल रहा है. कांग्रेस ने सबसे ज्यादा सीटें मालवा-निमाड़ इलाके में जीती हैं. रिजर्व सीटों पर भी कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया है. उसे इन सीटों पर 43 प्रतिशत वोट मिले हैं और वह 25 सीटें जीतने में कामयाब रही है. इस चुनाव में 21 महिलाओं ने जीत हासिल की है. ग्रामीण इलाके की 53 प्रतिशत सीटों पर कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है. वहीं शहरी इलाके में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने 11-11 सीटें जीती हैं.