भोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार दोपहर राजभवन में प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से भेंट कर उनके समक्ष राज्य में पार्टी की सरकार बनाने का दावा पेश किया. मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ एवं प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और गुना से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां राजभवन में राज्यपाल से भेंट की और मध्यप्रदेश में पार्टी की सरकार बनाने का दावा पेश किया.

 

इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, अरूण यादव एवं विवेक तन्खा भी मौजूद थे. करीब 20 से 25 मिनट तक चली इस मुलाकात के बात दोनों नेता राजभवन से बाहर आये और वहां बड़ी संख्या में मौजूद मीडियाकर्मियों के सामने ‘विक्टरी साइन’ दिखाया. हालांकि, उन्होंने मीडिया की ओर आने का प्रयास किया, लेकिन मीडिया कर्मियों की संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण वे ‘विक्टरी साइन’ दिखाकर वहां से चले गये. मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए 230 सीटों के लिए चुनाव में इस बार किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, जिसके चलते अब राज्य में त्रिशंकु विधानसभा बनी है.

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कांग्रेस ने जीतीं हैं 114 सीटें
कांग्रेस 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. हालांकि सरकार बनाने के लिए उसके पास दो सीटों की कमी है. वहीं 15 साल से प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा 109 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है. कांग्रेस का दावा है कि सरकार बनाने के लिए उसे बसपा और सपा के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों का भी समर्थन मिल गया है. इसके साथ ही उसे पूर्ण बहुमत प्राप्त हो गया है.

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शिवराज सिंह ने दिया इस्‍तीफा
वहीं, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि भाजपा प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेगी. चौहान ने कहा कि भाजपा ने यद्यपि वोट ज्यादा प्राप्त किये, लेकिन संख्या बल में हम पिछड़ गये. इसलिए संख्या बल के सामने शीश झुकाता हूं. हमने फैसला किया है कि स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण हम सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे.