भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी सरकार के बुधवार को पेश पहले पूर्ण बजट को पिछली सरकार से खाली खजाना मिलने के बावजूद मध्यप्रदेश में खुशहाली लाने वाला बजट बताया, जबकि भाजपा ने इसे जनता को ठगने वाला एवं गरीब विरोधी बजट कहा है. कमलनाथ ने राज्य के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘यह खाली खजाने के बीच मध्यप्रदेश की खुशहाली का बजट है. किसान, युवा, गरीब, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक और मध्यम वर्ग के हित में बजट में जो चिंता की गई है, उससे अगले 5 साल में प्रदेश के वास्तविक विकास का नक्शा बनेगा.’’ कमलनाथ ने कहा कि बजट नए मध्यप्रदेश के निर्माण का ऐसा आईना है, जिसमें समृद्ध प्रदेश की तस्वीर साफ दिखती है.

उन्होंने कहा कि पिछले 6 माह में खाली खजाने के बावजूद प्रदेश के विकास की दिशा में सुविचारित कदम उठाए गए हैं. जनता से किए गए वचनों को पूरा करने की इच्छाशक्ति इस बजट से स्पष्ट होती है. ग्रामीण विकास के साथ शहरी क्षेत्रों के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है. औद्योगीकरण के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी योजनाओं का प्रावधान किया गया हैं. पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरी करने की व्यवस्था की गई है. वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश का बजट जनता को ठगने वाला है. यह गरीब विरोधी बजट है. गरीब कल्याण की योजनाओं के लिए इसमें धनराशि का प्रावधान नहीं किया गया है. यह किसानों को, प्रदेश के नौजवानों को ठगने वाला बजट है.’’

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश के किसानों को सपने दिखाए थे कि उनका कर्ज माफ कर दिया जाएगा. पहले कहा कि सभी किसानों का कर्जमाफ किया जाएगा, बाद में कहने लगे अल्पकालीन फसली ऋण ही माफ करेंगे. कर्जमाफ करने के लिए 48 हजार करोड़ रुपए चाहिए, लेकिन सरकार ने बजट में केवल 8,000 करोड़ का ही प्रावधान किया है. इस बजट में प्रदेश के नौजवानों, छात्र-छात्राओं को भी ठगा गया है. उनके लिए जो भी योजनाएं चलायी थीं, उनके लिए प्रावधान नहीं किया है. उन्होंने कहा कि यह माता-बहनों का भी विरोधी बजट है. उनके लिए भी पर्याप्त प्रावधान नहीं किया गया. गरीबों के कल्याण की सारी योजनाएं ही बंद कर दी.

चौहान ने कहा कि यह जनविरोधी बजट है, जनता की आशायें और सपने सरकार ने धूल-धूसरित कर दिए. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में गठबंधन नहीं, ठगबंधन की सरकार है. इसने मध्यप्रदेश को पाताल में पहुंचा दिया. उन्होंने कहा कि इनका बजट भी ठगने वाला है. इस सरकार ने दीनदयाल रसोई जैसी योजना को बंद कर दिया, जो गरीबों को सस्ता भोजन देती थी. किसानों को गेहूं पर, मक्के पर, सोयाबीन पर बोनस देना था, वह नहीं दिया. विद्यार्थी परेशान हैं. उन्हें लैपटॉप से लेकर स्मार्टफोन तक नहीं दिया. मेधावी विद्यार्थियों की फीस भरनी थी, वह नहीं भरी. चौहान ने कहा कि कमलनाथ सरकार के बजट से यह स्पष्ट हो गया है कि यह सरकार सिर्फ शगूफा छोड़ती है, काम नहीं करती है.