नई दिल्ली: इस साल के अंत में मध्यप्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए दोनों बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. कांग्रेस किसी भी तरह से बीजेपी से पीछे नहीं रहना चाहती है. वह टिकट के दावेदारों के चयन में किसी तरह का खतरा नहीं मोल लेना चाहती है. इसलिए उसने टिकट बंटवारे में उन लोगों को ज्यादा तवज्जों देने का फैसला किया है जो अपने विधानसभा क्षेत्र के साथ ही सोशल मीडिया ट्विटर, फेसबकु और वॉट्सऐप पर भी सक्रिय हैं. Also Read - MP के इन दो बड़े शहरों में अगले तीन में कम नहीं हुए कोरोना के केस तो फिर 8 मार्च से...

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस संबंध में लेटर लिख कुछ शर्तें रखी हैं.पार्टी का कहना है कि टिकट का दावेदार सोशल मीडिया पर कितना एक्टिव है इसका आंकलन किया जाएगा. इसके लिए कांग्रेस ने कुछ शर्तें रखी हैं. कांग्रेस का कहना है कि उम्मीदवारों का फेसबुक और ट्विटर पेज होना जरूरी है. उसका वॉट्सऐप पर भी एक्टिव होना जरूरी है. कांग्रेस की ओर से जारी लेटर में कहा गया है कि फेसबुक पेज पर 15 हजार लाइक्स और ट्विटर पर 5 हजार फॉलोवर्स होने चाहिए. इसके साथ ही बूथ के लोगों के वॉट्सऐप ग्रुप बने होना अनिवार्य है. Also Read - WhatsApp Web video-voice call feature: व्हाट्सऐप वेब पर कर सकेंगे वीडियो-ऑडियो कॉल, जानें प्रक्रिया

मध्यप्रदेश कांग्रेस के ट्विटर INCMP के सभी ट्वीट को रिट्वीट और लाइक करने के अलावा मध्यप्रदेश कांग्रेस के फेसबुक पेज INCMadhyapradesh के सभी पोस्ट को शेयर और लाइक करना कांग्रेस पदाधिकारियों/ वर्तमान विधायकों और टिकट के सभी दावेदारों के लिए अनिवार्य है.

इतना ही नहीं लेटर में कहा गया है कि कांग्रेस पदाधिकारियों/ वर्तमान विधायकों और टिकट के सभी दावेदारों को निर्देशित किया जाता है कि 15 सितंबर 2018 तक ट्विटर, फेसबुक और वॉट्सऐप की जानकारी मध्य प्रदेश कांग्रेस के सोशल मीडिया और आईटी विभाग में उपलब्ध कराएं.