नई दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में गठजोड़ के लिये उनकी पार्टी के दरवाजे खुले हैं और समान विचारों वाले दलों के साथ आने में सीटों का बंटवारा गतिरोध नहीं बनेगा. उनका यह बयान राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस – बसपा के बीच हो रही बातचीत के समय आया है. मध्य प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिये कांग्रेस की प्रचार समिति के प्रभारी सिंधिया ने इस बात पर भी जोर दिया कि लंबे समय बाद राज्य में शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ सभी दलों के नेता एकजुट होकर काम कर रहे हैं. प्रेस ट्रस्ट को दिए एक इंटरव्यू में गुना से सांसद ने कहा कि समान विचार वाले दलों को साथ मिलकर काम करना चाहिए. Also Read - ट्रंप की धमकी के बाद अमेरिका को दवा भेजने पर राहुल गांधी ने कहा- मदद की जाए, लेकिन...

सीटों का बंटवारा गतिरोध नहीं बनेगा Also Read - Covid-19: राहुल गांधी ने अमेठी में शुरू कराया सेनिटाइजर और मास्क का वितरण

उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि समान विचार वाले दल मूल्यों और दृष्टि के मौलिक सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए जो स्वतंत्र, धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील भारत के लिये हों. यह सुनिश्चित करें कि देश को तमाम राष्ट्रों के बीच उसकी सही जगह दिलाने के लिये हर नागरिक को मुख्यधारा में लाया जाए. पिछले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की तरफ से चुनाव जीतने वाले कुछ अहम नेताओं में शामिल सिंधिया ने कहा कि मैं मानता हूं कि एक – दूसरे के लिये अगर हमारी मौलिक समझ, मूल्य और दर्शन यह है तब मुझे नहीं लगता कि समान विचारों वाले दलों के साथ आने में सीटों का बंटवारा कोई गतिरोध बनने जा रहा है. Also Read - राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बोले- अचानक बंद होने से भय और भ्रम पैदा हो गया है

बीएसपी से गठजोड़ की संभवना

मध्य प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के साथ कांग्रेस के संभावित गठजोड़ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के दरवाजे खुले हैं और वह दूसरी पार्टियों से चर्चा के लिये तैयार है , लेकिन जोर दिया कि यह स्पष्ट समझ होनी चाहिए कि अंतिम लक्ष्य क्या है. उन्होंने कहा कि अगर यह (लक्ष्य) ऐसी सरकार बनाना है जो लोगों की सेवा करे तो निश्चित  रूप से उन राज्यों में जहां वे सहयोगी मजबूत हैं, उन्हें उनकी सही क्षमता के हिसाब से जगह दी
जानी चाहिए, लेकिन इसके साथ ही बड़े और ज्यादा मजबूत साझेदार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समूचे गठबंधन को साथ लेकर चलने के लिये बराबर का सम्मान और गरिमा भी उन्हें दी जाए. मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिये कांग्रेस का मुख्य चुनावी युद्धघोष होगा, यह बदलाव का समय है और अब समय आ चुका है.