Madhya Pradesh Exit Polls 2020 Results:... तो बच जाएगी शिवराज सरकार, लेकिन सिंधिया के गढ़ में चौंका सकते हैं नतीजे

एग्जिट पोल के अनुमानों में शिवराज सिंह चौहान सरकार को विधानसभा में बहुमत हासिल हो जाएगा लेकिन सिंधिया के सामने....

Published: November 7, 2020, 8:44 PM IST

Madhya Pradesh Exit Polls 2020 Results : कोविड-19 के डर के बीच मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के तहत मंगलवार को शाम छह बजे तक कुल 69.93 प्रतिशत मतदान हुआ. यह 2018 विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर हुए औसत मतदान की तुलना में तीन प्रतिशत कम है. यह उपचुनाव सात महीने पुरानी भाजपा सरकार के भाग्य का निर्णय करेगा. नतीजे 10 नवंबर को आएंगे.

हालांकि नतीजों से तीन दिन पहले मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव का एग्जिट पोल (Madhya Pradesh Exit Poll) जारी कर दिया गया है. इंडिया टुडे ग्रुप और एक्सिस माइ इंडिया के एक्जिट पोल के अनुसार मध्य प्रदेश में भाजपा को 16-18 सीटें और कांग्रेस को 10-12 मिलने का अनुमान है. इस उपचुनाव में भाजपा को 46 फीसद वोट और कांग्रेस को 43 फीसद मिलने का अनुमान है.

एग्जिट पोल के अनुमानों से यह भी स्पष्ट है कि एमपी में शिवराज सिंह चौहान सरकार को विधानसभा में आसानी से बहुमत हासिल हो जाएगा और उसे फिलहाल कोई खतरा नहीं होगा. बीजेपी को बहुमत के लिए 28 में से 9 सीटें जीतना जरूरी है. उपचुनावों के अनुमानों के मुताबिक बीजेपी को इसमें मुश्किल नहीं आनी चाहिए.

बच जाएगी शिवराज सरकार

एग्जिट पोल के अनुमानों से यह स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार विधानसभा में आसानी से बहुमत हासिल कर लेगी. उसे फिलहाल कोई खतरा नहीं होगा. दरअसल बीजेपी को बहुमत के लिए 28 में से 9 सीटें जीतना जरूरी है. उपचुनावों के अनुमानों के मुताबिक बीजेपी को इसमें मुश्किल नहीं आनी चाहिए. वहीं कांग्रेस को कमलनाथ को दोबारा सत्ता में आने के लिए सभी 28 सीटें जीतना जरूरी है जोकि काफी मुश्किल लग रहा है. इसके अलावा मध्य प्रदेश में कमलनाथ मुख्यमंत्री पद के लिए 43 फीसदी लोगों की पसंद हैं वहीं 46 फीसदी लोग की पसंद शिवराज सिंह चौहान हैं.

क्यों बना ऐसा गणित..?

मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं जबकि वर्तमान में इसकी प्रभावी सदस्य संख्या 229 हैं क्योंकि 28 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा के बाद हाल ही में एक और कांग्रेस विधायक दमोह से राहुल लोधी त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल हो गये. सदन में भाजपा के 107 विधायक हैं और भाजपा को सदन में साधारण बहुमत का आंकड़ा 115 तक पहुंचने के लिये आठ सीटें और चाहिये.

इस साल मार्च माह के बाद से कुल 25 कांग्रेसी विधायकों के त्यागपत्र देने और भाजपा में शामिल होने के बाद सदन में कांग्रेस की संख्या घटकर 87 रह गयी है. इसके अलावा सदन में चार निर्दलीय, दो बसपा और एक सपा के विधायक हैं. 25 कांग्रेस के विधायकों के पाला बदलकर भाजपा में शामिल होने और तीन विधायकों के निधन के कारण प्रदेश में 28 सीटों पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया.

सिंधिया के गढ़ में चौंका सकते हैं नतीजे

इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 16 से 18 सीटें मिलती नजर आ रही हैं जबकि कांग्रेस को 10 से 12 सीटें मिलने का अनुमान है. लेकिन कमलनाथ ने जिस तरह से दर्जन भर सीटें जीतने की स्थिति में है. इस तरह से सिंधिया समर्थक जो विधायक कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे, उन्हें बड़ा झटका लग सकता है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए यह गणित थोड़ा अलग है. सिंधिया के गुट के सभी 22 विधायक फिर से जीतकर विधानसभा पहुंचने के लिए मैदान में हैं. क्योंकि 22 में से 16 सीटें ग्वालिर और चंबल इलाके की हैं, जहां सिंधिया परिवार का दबदबा रहा है.

(इनपुट भाषा)

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