भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्षी दल भाजपा ने शनिवार को प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और आदि शंकराचार्य के अध्याय, प्रदेश के स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम से हटाने के आदेश दिये हैं. हालांकि विधानसभा के अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने संबंधित मंत्री को इस मामले में संज्ञान लेने के निर्देश दिये.

शून्य काल के दौरान इस मामले को सदन में उठाते हुए भाजपा विधायक विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भाजपा के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय और सनातन धर्म के आदि शंकराचार्य के अध्याय, स्कूली पाठ्यक्रम से हटाने के निेर्देश दिये हैं. सांरग ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने राजनीतिवश इस प्रकार के निर्देश जारी किये हैं. उन्होंने कहा कि उपाध्याय ने एकात्म मानव दर्शन का सिद्धांत दिया और अपना पूरा जीवन गरीबों के उत्थान में लगा दिया. भाजपा विधायक ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने देश भर में यात्रा कर देश की एकता के लिये काम किया.

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नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने इस मामले में बहस कराने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार का यह कदम हमारे इतिहास, हमारी धरोहर और सनातन धर्म की समृद्ध संस्कृति के खिलाफ है. वहीं दूसरी और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केन्द्र सरकार ने शिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रम से कई स्वतंत्रता सेनानियों के अध्याय हटा दिये हैं. इस बहस में व्यवस्था देते हुए अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा कि संबंधित मंत्री इस मामले में संज्ञान लें और कहा कि इन अध्यायों को पाठ्यक्रम से हटाया जाना उचित नहीं है.