डिंडौरी: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास का नया इतिहास बनाया जाएगा. आदिवासी क्षेत्रों से पलायन को रोकने, रोजगार देने और स्थानीय उपज का उचित दाम दिलाने के लिए सुनियोजित योजनाएं बनेंगी. आदिवासी बहुल डिंडौरी जिले में माता शबरी जयंती के अवसर पर सेामवार को आयोजित समारोह एवं आदिवासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि आदिवासी इलाकों के विकास के लिए जो योजनाएं पूर्व में बनी थीं और वर्षो से धूल खा रही हैं, ऐसी योजनाओं को लागू कर आदिवासी भाइयों तक उनका लाभ पहुंचाया जाएगा.Also Read - एमपी के मंत्री कमल पटेल का दावा, छिंदवाड़ा में असली कमल आएगा, नकली कमल भागेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि माता शबरी मानवता और सरलता की प्रतिमूर्ति हैं. यही कारण है कि उनके प्रति आदिवासी समाज में अगाध श्रद्धा और आस्था है. यह सबसे पवित्र दिन है, जब आदिवासी युवा संकल्प लें कि वे आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को अपनाएंगे और अपने गौरवशाली इतिहास को सदैव अक्षुण्ण बनाए रखेंगे. उन्होंने कहा कि अलग-अलग जाति होने के बाद भी आदिवासी समाज में जो एकजुटता है, वह उनकी संस्कृति और संस्कार की ही शक्ति है, जिसे बुजुर्गो ने अपनाया और सुरक्षित रखा. आदिवासी समाज विकास प्रक्रिया में सहभागी बना है. आवश्यकता इस बात कि है कि अपने अधिकार और हक के लिए आदिवासी वर्ग एवं उनके प्रतिनिधि अपनी आवाज को बुलंद करें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें. Also Read - कमलनाथ ने ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को लोकसभा चुनाव में हरवाया था, एमपी के मंत्री का दावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में युवाओं को, जिन पर मध्यप्रदेश और देश के निर्माण की जिम्मेदारी है, उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए निवेश का एक नया माहौल बनाया गया है. कृषि क्षेत्र में किसान कर्ज मुक्त होकर अपनी उपज का सही दाम प्राप्त करें, इसके लिए नई नीतियां लागू की जा रही हैं. जय किसान फसल ऋण माफी योजना में 22 लाख किसानों का ऋण माफ किया गया है. Also Read - मध्य प्रदेश: कमलनाथ ने कांग्रेस विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा दिया, गोविंद सिंह ने ली जगह