भोपाल: कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर मध्यप्रदेश में स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षाथियों को बिना परीक्षा दिए पास कर दिया जाएगा. मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है. अब स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा दिए उनके गत वर्ष/सेमेस्टर के अंकों/आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा/सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा.’ Also Read - ग्वालियर दौरे पर पहुंचे शिवराज सिंह चौहान, बोले- मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कल होगा

उन्होंने कहा, ‘साथ ही स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के पूर्व वर्षों/ सेमेस्टर्स में से सर्वाधिक अंक प्राप्त परीक्षा परिणाम को प्राप्तांक मानकर अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित किये जाएंगे.’ अधिकारी ने बताया कि ऐसे परीक्षार्थी जो परीक्षा देकर और सुधार चाहते हैं, उनके पास परीक्षा देने का विकल्प भी रहेगा. वे आगामी घोषित तिथि पर ऑफलाइन परीक्षा दे सकेंगे. मध्यप्रदेश में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर कुल 17.77 लाख परीक्षार्थी हैं. Also Read - मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 16 हज़ार पार, अब तक 638 मौतें, बुरा है इन जिलों का हाल

चौहान मंत्रालय में कोरोना वायरस के परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के संचालन तथा शालाओं को प्रांरभ करने के संबंध में बैठक ले रहे थे. बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा रश्मि अरूण शमी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शालाओं को खोलने के संबंध में 31 जुलाई को समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि 12वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारणवश 12वीं की परीक्षा नहीं दे पाए हैं उनके लिए एक बार फिर परीक्षा आयोजित होगी.

प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा रश्मि ने बताया कि अगले हफ्ते से बच्चों को किताबों का वितरण कराने की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं सम्पन्न हो चुकी हैं. 10वीं के परिणाम जुलाई के प्रथम सप्ताह में तथा 12वीं के परिणाम जुलाई के तृतीय सप्ताह में संभावित है. प्रदेश में लॉकडाउन की अवधि में रेडियो, टेलीविजन एवं मोबाइल के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जा रही है.