इंदौर : देश में कोरोना वायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में इस महामारी से दो और मरीजों की मौत हो गयी है. इसके साथ ही, जिले में वायरस के संक्रमण के बाद दम तोड़ने वाले मरीजों की तादाद बढ़कर 79 पर पहुंच गई है. Also Read - कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित पांचवां देश बना भारत, इटली और स्पेन को पीछे छोड़ा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) प्रवीण जड़िया ने मंगलवार को बताया कि कोविड-19 से संक्रमित 45 वर्षीय महिला और 64 वर्षीय पुरुष ने शहर के एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली. उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस की शिकार महिला पहले से ही मधुमेह और उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) से जूझ रही थी, जबकि पुरुष किडनी की बीमारी से पीड़ित था. Also Read - आक्रामक स्वभाव के लिए मशहूर कगीसो रबाडा ने कहा- मैं जल्दी आपा नहीं खोता हूं

सीएमएचओ ने बताया कि जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस के 43 और मरीज मिलने के बाद इस महामारी की जद में आये लोगों की तादाद 1,611 से बढ़कर 1,654 पर पहुंच गयी है. इनमें से 468 मरीजों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है. ताजा आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि रेड जोन में शामिल इंदौर जिले में मंगलवार सुबह की स्थिति में कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर 4.78 प्रतिशत थी. Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से अब तक 3,000 की मौत, मामले 83,000 के करीब पहुंचे

हालांकि, 26 दिन पहले की स्थिति की तुलना में इस मृत्यु दर में 5.55 फीसद की बड़ी गिरावट देखी गई है. प्रदेश सरकार के आंकड़ों के मुताबिक नौ अप्रैल की सुबह की स्थिति में जिले में कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर 10.33 प्रतिशत थी. इंदौर में कोरोना वायरस का पहला मरीज मिलने के बाद से प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है, जबकि जिले के अन्य स्थानों पर सख्त लॉकडाउन लागू है.