Madhya Pradesh Latest News: देश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य की शिवराज सिंह सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ा दिया है और इसमें कोरोना के इलाज को भी शामिल कर दिया है. बता दें कि राज्य में अब कोरोना ने गांव में भी पैर पसारना शुरू कर दिया है जिसकी खबरें आने के बाद राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है. इसके बाद अब कोरोना के मुफ्त इलाज के साथ ही रेमडिसिवर दवा और ऑक्सीजन के भी पैसे नहीं लगेगें। Also Read - कटनी जिला अस्पताल में मेट्रन पर स्टाफ नर्स के साथ दुर्व्यवहार का आरोप

इस सबके लिए  राज्य सरकार प्रदेश के 250 से ज्यादा अस्पतालों से तीन महीने की अनुबंध करेगी, जिसके तहत कोई भी इन अस्पतालों में  कोरोना का इलाज कराने के लिए आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल कर सकता है और अस्पताल उसे मना नहीं कर सकता. इसकी जिम्मेदारी हर जिले के जिलाधिकारी को दी जाएगी. Also Read - MP News: मध्य प्रदेश में इंदौर और ग्वालियर का नाम बदलने की मांग, नाराज हो गए ज्योतिरादित्य सिंधिया

बता दें कि इसके लिए गुरुवार को राज्य सरकार ने 68 अस्पतालों के साथ अनुबंध किया है और बाकी अस्पतालों के साथ अनुबंध शुक्रवार को शुरू हो जाएगा. इसके लिए राज्य सरकार 40 फीसदी तक अतिरिक्त विशेष पैकेज देगी. Also Read - Madhya Pradesh Administers 15 Lakhs Vaccine: मध्य प्रदेश में एक दिन में लगे 15 लाख टीके, बना नया रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वो जल्द से जल्द अस्पतालों से अनुबंध करें ताकि गरीबों को कोविड का इलाज कराने में कोई दिक्कत ना हो.

राज्य सरकार ने अपने फैसले में एक सबसे बड़ी राहत यह दी कि अगर परिवार में किसी एक के पास भी आयुष्मान कार्ड होगा तो इससे पूरे परिवार का इलाज मुफ्त में होगा. इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती होते ही प्रशासन की जिम्मेदारी यह होगी कि बाकी परिवार के सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योजना के तहत सीटी स्कैन के लिए सालाना मिलने वाली पांच हजार रुपये की सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है. मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इन अस्पतालों में कोरोना का इलाज मुफ्त में होगा और सीटी स्कैन की जांचें निशुल्क कराई जाएंगी और इसके अलावा रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन भी मुफ्त मे मुहैया कराया जाएगा.

बता दें कि इस योजना के तहत अभी राज्य में  328 अस्पताल योजना के दायरे में आते हैं और इसमें 23,946 बिस्तर हैं. राज्य में 2,42 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं और 96 लाख परिवार ऐसे हैं, जिनके पास कम से कम एक आयुष्मान कार्ड है. हालांकि कई अस्पताल मौजूदा समय में कोरोना का फ्री इलाज देने में आनाकानी कर रहे हैं.