नई दिल्ली: कोरोनावायरस के कारण कमजोर पड़ रही अर्थव्यवस्था के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार के सभी मंत्रियों से अपनी सैलरी का 30 प्रतिशत सीएम राहत फंड कोष में जमा कराने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने पार्टी के सभी विधायकों से भी इस संकट के दौर में दान करने की अपील की है. सीएम ने खुद इसकी शुरुआत करते हुए अपने कोटे से तीन महीने के वेतन के अनुसार तीस प्रतिशत के हिसाब से लगभग सवा लाख रुपये राहत कोष में जमा भी किए. Also Read - कोरोना वार्ड की नर्स बनी CM शिवराज की बहन, PPE किट पहनकर बाँधी राखी, कुछ ऐसे रहा नज़ारा

बता दें कि सीएम शिवराज सिंह चौहान कुछ दिन पहले कोरोना से संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद उन्हें चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शुक्रवार को उन्होंने अस्पताल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंत्रियों और विधायकों से बात की. Also Read - Corona in Madhya Pradesh: एमपी में गहरे होते जा रहे हैं कोरोना के बादल, 736 नए मामले, राज्य में कुल 2,839 कंटेनमेंट जोन

मंत्री गोपाल भार्गव ने एक साल तक सैलरी का 30 प्रतिशत सीएम राहत कोष में जमा करवाने की बात कही है. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभी इस बात पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है कि क्या इसे एक साल तक चलाना है, उन्होंने कहा अगर इस बारे में जरूरत महसूस हुई तो इस पर सोचेंगे.

शिवराज सिंह चौहान ने अभी पिछले तीन महीने के अनुसार राहत कोष में पैसा जमा करवाया है उन्होंने कहा कि अगले तीन महीने भी राहत कोष में फंड जमा करवाएंगे. उन्होंने कहा कि वायरस की वजह से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर बहुत ही बुरा असर पड़ा है इसलिए सरकार जितने भी अनावश्यक खर्चे हैं उनमें रोक लगाएगी.