नई दिल्ली: कोरोनावायरस के कारण कमजोर पड़ रही अर्थव्यवस्था के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार के सभी मंत्रियों से अपनी सैलरी का 30 प्रतिशत सीएम राहत फंड कोष में जमा कराने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने पार्टी के सभी विधायकों से भी इस संकट के दौर में दान करने की अपील की है. सीएम ने खुद इसकी शुरुआत करते हुए अपने कोटे से तीन महीने के वेतन के अनुसार तीस प्रतिशत के हिसाब से लगभग सवा लाख रुपये राहत कोष में जमा भी किए.Also Read - शिवराज सरकार की मंत्री ने कहा- मेरे साथ सेल्फी लेनी है तो बीजेपी ऑफिस में 100 रुपए जमा कराने होंगे

बता दें कि सीएम शिवराज सिंह चौहान कुछ दिन पहले कोरोना से संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद उन्हें चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शुक्रवार को उन्होंने अस्पताल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंत्रियों और विधायकों से बात की. Also Read - MP: विदिशा में बड़ा हादसा, 25-30 लोग कुएं में गिरे, 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, 4 की मौत, ऑपरेशन जारी

Also Read - MP News: सीएम शिवराज चौहान ने किया गोद ली हुईं तीन बेटियों का कन्यादान, देखिए शानदार तस्वीरें

मंत्री गोपाल भार्गव ने एक साल तक सैलरी का 30 प्रतिशत सीएम राहत कोष में जमा करवाने की बात कही है. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभी इस बात पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है कि क्या इसे एक साल तक चलाना है, उन्होंने कहा अगर इस बारे में जरूरत महसूस हुई तो इस पर सोचेंगे.

शिवराज सिंह चौहान ने अभी पिछले तीन महीने के अनुसार राहत कोष में पैसा जमा करवाया है उन्होंने कहा कि अगले तीन महीने भी राहत कोष में फंड जमा करवाएंगे. उन्होंने कहा कि वायरस की वजह से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर बहुत ही बुरा असर पड़ा है इसलिए सरकार जितने भी अनावश्यक खर्चे हैं उनमें रोक लगाएगी.