भोपाल: मध्यप्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक पार्टी कार्यालय में हुई. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई. इस बैठक में विधायकों को एकजुट रखने का फैसला हुआ है. भाजपा अपने विधायकों को राज्य से बाहर भी ले जा सकती है. भाजपा के विधायकों की बैठक में भाजपा के अधिकांश विधायक बैठक पहुंचे. इस बैठक में भाजपा के सांसद भी पहुंचे. बैठक से बाहर निकले इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. साथ ही कहा कि पार्टी के प्रवक्ता बताएंगे बैठक के बारे में. Also Read - दिग्विजय सिंह अमर्यादित भाषा वाले आ रहे कॉल्‍स से हुए परेशान, बंद किया मोबाइल फोन

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वहीं, टीकमगढ़ से विधायक राकेश गिरि गोस्वामी ने कहा कि भाजपा विधायकों को मध्यप्रदेश से बाहर ले जाने की तैयारी है. भाजपा विधायक ओम प्रकाश सखलेचा ने संवाददाताओं के सवाल पर कहा कि पता नहीं, कहां जाना है. भाजपा के दफ्तर के करीब दो वोल्वो बसों की मौजूदगी से भी विधायकों को बाहर ले जाए जाने की बात को बल मिल रहा है. राज्य में कांग्रेस के 19 विधायको के इस्तीफे के बाद से सरकार संकटों से घिर गई है. इससे सरकार के अल्पमत में आने की बात कही जा रही है. आगामी रणनीति क्या है, इस पर मंथन के लिए भाजपा विधायकों की बैठक बुलाई गई. इस बैठक में हिस्सा लेने भाजपा विधायक पार्टी दफ्तर पहुंचे.

इस बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सहित केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित कई प्रमुख नेता भी मौजूद रह सकते हैं. भाजपा के प्रदेश दफ्तर में सुबह पार्टी के तमाम बड़े नेताओं की बैठक हुई थी. इस बैठक में विनय सहस्रबुद्धे, प्रदेशाध्यक्ष वी.डी. शर्मा, पूर्व मुख्मयंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव मौजूद रहे. खबर लिखे जाने तक बैठक में वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा हो रही है, साथ ही आगामी रणनीति पर विचार हो रहा है. भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी का कांग्रेस में चल रहे घमासान से कोई लेनादेना नहीं है, कांग्रेस में जो हो रहा है, वह उनका अंदरूनी मामला है. जहां तक सिंधिया का मामला है, वह उनसे ही पूछें.