देवास: मध्यप्रदेश की देवास पुलिस ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 15 करोड़ रुपए के 10,350 मोबाइल एवं एक करोड़ रुपए के 9 वाहन जब्त कर हाइवे पर मोबाइल डकैती करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है.Also Read - मध्य प्रदेश के इन जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना, ऑरेंज अलर्ट जारी

देवास जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. शिव दयाल सिंह ने मंगलवार शाम को मीडियाकर्मियों को बताया कि देवास जिले के टोंकखुर्द में इस साल 27 जुलाई चार लाख रुपए और 21 जुलाई को 37 लाख रुपए के चोरी के सामान के मामले में दर्ज प्रकरणों की जांच के लिए विशेष दल का गठन किया गया था. Also Read - MP Schools Reopening Guidelines: मध्य प्रदेश में 26 जुलाई से स्कूल खोलने के लिए सरकार ने जारी की गाइडलाइन, जानिए क्या होंगे नियम

कई राज्‍यों की पुलिस के सहयोग से बड़े शहरों में छापे मारे  
एसपी सिंह ने कहा कि इस टीम ने सायबर, सीसीटीवी एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर पुणे, मुंबई, इंदौर एवं भोपाल सहित देश के विभिन्न शहरों में छापे मारे और आंध्रपदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की पुलिस के सहयोग से अंतरराज्यीय हाइवे डकैती गिरोह का पर्दाफाश किया. Also Read - Indian Railways/IRCTC News: कोरोना का कहर थमने के बाद इन राज्यों में फिर शुरू हुई प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री

सॉफ्टवेयर इंजीनियर है मास्‍टरमाइंड, तीन अरेस्‍ट, 9 की तलाश जारी
एसपी सिंह ने कहा कि हमने वारदात को अंजाम देने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर राम गाडे (26), अंकित झाझा (25) एवं रोहित झाला (25) को हाल ही में गिरफ्तार किया है, जबकि 9 अन्य नामजद बदमाशों की तलाश जारी है. उन्होंने कहा कि इस पूरे गिरोह के पीछे मुख्य रूप से गाडे का दिमाग काम करता था.

महाराष्‍ट्र का रहने वाला है शातिर इंजीनियर
राम गाडे सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और वह महाराष्ट्र के बीड का रहने वाला है. उसे बीड से गिरफ्तार किया गया, जबकि बाकी दोनों आरोपी देवास जिले के रहने वाले है और कंजर जाति के हैं. इन दोनों को देवास जिले से गिरफ्तार किया गया.

कई राज्‍यों में केस दर्ज
सिंह ने बताया कि इन तीनों पर देवास जिले के टोकखुर्द एवं हाटपीपल्या पुलिस थानों सहित देश के अन्य राज्यों के विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक चोरी के मामले दर्ज हैं.

आईएमईआई नंबर बदलने में माहिर, कई शहरों में कारोबार फैलाया
एसपी सिंह ने कहा कि इस गिरोह का मुख्य सरगना राम गाडे है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के कारण वह मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलने में माहिर है. उसने इंदौर एवं मुंबई शहरों में अपना कारोबार संचालित कर रखा है, जहां पर मोबाइल में आईएमईआई नंबर बदलकर अंतरराज्यीय बाजार में आपूर्ति करता है.

कुल 16 करोड़ रुपए का सामान बरामद
सिंह ने बताया कि इनके पास से चीनी कंपनी के एमआई मोबाइल फोन 7,663 नग (अनुमानित कीमत 9.85 करोड़ रूपये), अन्य कंपनी मोबाइल फोन 2,687 नग (अनुमानित कीमत 4.98 करोड रूपये), नौ वाहन (अनुमानित कीमत एक करोड़ रूपये) जब्त किये गये हैं. इस प्रकार इनसे कुल 16 करोड़ रुपए का सामान बरामद किया गया है.

देवास के कंजरों का इन वारदातों में हाथ होने का सुराग लगा था
एसपी सिंह ने कहा कि आंध्र प्रदेश के चित्तूर और देवास जिले के आगरा रोड हाईवे पर मोबाइल लूट की घटनाएं हुई थीं, जिन्हें लेकर आंध्र प्रदेश की पुलिस करीब एक महीने पहले देवास आई थी. देवास के कंजरों का इन वारदातों में हाथ होने का सुराग लगा था.सिंह ने बताया कि आंध्र प्रदेश के चित्तूर और देवास पुलिस ने मुखबिरों का जाल बिछाया और देवास जिले के टोंकखुर्द और धानी घाटी कंजर डेरों पर लगातार दबिश दी गई.

मुंबई, पुणे, इंदौर और भोपाल से 15 करोड़ रुपए के मोबाइल जब्‍त
एसपी ने बताया कि करीब एक महीने की मशक्कत के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची. पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर मुंबई, पुणे, इंदौर और भोपाल से 15 करोड़ रुपए के मोबाइल बरामद किए हैं.

गिरोह के तार नेपाल और बांग्लादेश में भी जुड़े हैं
सिंह ने बताया कि इस गिरोह के तार देश के बड़े शहरों सहित नेपाल और बांग्लादेश में भी जुड़े हैं. पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में और भी कई खुलासे होने की उम्मीद जताई गई है.