नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सोमवार को आयोजित हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सिंगरौली के जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी कर शिक्षकों की ड्यूटी लगाई थी और उन्हें शादी समारोह में खाना परोसने से लेकर अन्य काम करने को तैयार रहने को कहा था. Also Read - स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ मीडियकर्मियों को भी प्राथमिकता से कोविड-19 वैक्सीन लगाई जाए: कमलनाथ

सिंगरौली जिला शिक्षा अधिकारी आर. के. दुबे ने बताया, ‘‘हां, मैंने जिला मुख्यालय में रह रहे शिक्षकों को सिंगरौली में हुए सामूहिक विवाह में खाना परोसने एवं अन्य काम करने के लिए उपस्थित होने के आदेश दिये थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने शिक्षकों की ड्यूटी लगाई थी, क्योंकि यहां ऐतिहासिक शादी थी. चूंकि इस समारोह में 50,000 से लेकर एक लाख लोगों की आने की संभावना थी, इसलिए कुछ अव्यवस्था न हो. इसी के मद्देनजर आदेश जारी कर शिक्षकों को उपस्थित रहने को कहा था, ताकि वे इस ऐतिहासिक शादी में वहां की व्यवस्था देखने में मदद कर सकें’’ Also Read - MP का प्‍यारे मियां रेपकांड: दुष्‍कर्म पीड़िता ने भोपाल के सरकारी अस्पताल में तोड़ा दम, उठे ये सवाल

हालांकि, दुबे ने बताया, ‘‘मेरे द्वारा जारी किया गया आदेश कोई अनिवार्यता (हार्ड एंड फास्ट रूल) नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘‘शादी में बफे सिस्टम था, इसलिए खाना परोसने के लिए शिक्षकों की जरूरत नहीं पड़ी. शिक्षकों ने खाना नहीं परोसा. गांव वालों एवं वहां मौजूद लोगों ने अपने आप अपने-अपने लिए खाना निकाला.’’ Also Read - Madhya Pradesh: 'Tandav' के खिलाफ दो शहरों में FIR, बीजेपी नेता ने उद्धव ठाकरे को भेजा पत्र

मध्यप्रदेश शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव हरीश कुमार मारन ने बताया, ‘‘शादी समारोह में शिक्षकों की ड्यूटी लगाना उनकी गरिमा के अनुकूल नहीं है.’’ मारन ने कहा, ‘‘ऐसी ड्यूटी लगाकर शिक्षकों का दुरपयोग किया जा रहा है और उन्हें हतोत्साहित किया जा रहा है.’’ उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत शिक्षकों को गैर शिक्षित कार्यो में नहीं लगाया जा सकता है. उनकी ड्यूटी केवल प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़ एवं भूकंप के अलावा चुनाव में ही लगा सकते हैं. इनको छोड़कर किसी भी कार्य में उनकी ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती है.’’ गौरतलब है कि सिंगरौली में इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लगभग 2,400 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे थे.

कलेक्टर शिव नारायण सिंह चौहान ने बताया कि सामूहिक विवाह के लिए कुल 2,800 आवेदन आये थे, जिनमें से 400 अयोग्य पाए गए, जबकि 2,400 योग्य मिले. विवाह के लिए 250 वेदियां व 300 पुरोहितों को लगाया गया.

इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे और उन्होंने इस आयोजन में परिणय सूत्र में बंधे नवदंपत्ति को आशीर्वाद भी दिया. चौहान ने स्वीकार किया कि इससे पूर्व एक दिन में सबसे ज्यादा सामूहिक विवाह बड़वानी में हुआ था, जिस रिकॉर्ड को सिंगरौली ने न केवल ध्वस्त किया, बल्कि एक नया कीर्तिमान बना दिया.