भोपाल: कलेक्‍टर अगर हाथ में फावड़ा और तसला लेकर नाली की सफाई करते नजर आए तो किसी को विश्‍वास नही होगा, लेकिन मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के जिलाधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सफाई अभियान को आम आदमी के जीवन का हिस्सा बनाने के लिए अनोखी मुहिम से इन दिनोंखूब चर्चाओं छाए हुए हैं. दरअसल, विदिशा जिले के कलेक्‍टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सफाई अभियान को आम लोगों की जिंदगी का हिस्‍सा बनाने में जुटे हुए हैं. इतना ही नहीं, आईएएस जैसी प्रतिष्ठित सेवा में रहते हुए भी वह एक आम आदमी की तरह सड़क किनारे बनी नालियों की सफाई करते हुए दिख रहे हैं. वे स्‍वयं ही कचरा अपने हाथ से तसले में भरकर फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं. उनके इस काम की तारीफ मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ स्‍वयं टि्वटर पर करते हुए नजर आ रहे हैं. Also Read - मिसाल: पांचवीं तक पढ़ी मोबिना ने पढ़ाया IAS अफसरों को पाठ

हाथ में फावड़ा लेकर नालियों से निकालते हैं कचरा
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी और विदिशा के जिलाधिकारी सिंह के सफाई अभियान की चर्चा हर तरफ है. वे हर रोज विदिशा की सड़क किनारे की नालियों की सफाई करते नजर आ जा जाते हैं. उनके हाथ में फावड़ा होता है, साथ ही वे नालियों से निकलने वाले कचरे को तसले में भरकर फेंकने में लगे होते है. सिंह की इस पहल को सरकारी तंत्र के साथ आमजन का भी साथ मिल रहा है. Also Read - IAS, IPS बनने का सपना देखने वालों की राह आसान करेंगे आईएएस विपुल खन्‍ना, वीडियो बुक की लॉन्च

मुख्यमंत्री ने भी सराहा
मीडिया में रिपोर्ट आने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस पहल की सराहना करते हुए ट्वीट किया, “विदिशा कलेक्टर व उनकी टीम द्वारा सफाई व्यवस्था को लेकर किया जा रहा कार्य सराहनीय व प्रशंसनीय है. यह दूसरों के लिए प्रेरक भी है, महात्मा गांधी जी का यही संदेश है कि कोई कार्य छोटा नहीं होता है, ठान लिया जाए तो हर चीज संभव है.” Also Read - Love Jihad: उमेश से मंदिर में की लव मैरिज, मां बनने के बाद पता चल पाया कि वह है सलमान

कर्मचारियों को डांटकर नहीं, सहभागी होकर बेहतर नजीजे होंगे
जिलाधिकारी सिंह विदिशा की सफाई व्यवस्था को लेकर चिंतित थे. उन्‍होंने मीडियाकर्मियों से कहा, “कर्मचारियों को डांट डपटकर सिर्फ औसत दर्जे का काम लिया जा सकता है, मगर प्रोत्साहन और स्वयं की सहभागिता से भरपूर नतीजे निकाले जा सकते हैं. इतना ही नहीं, जो काम समाज के लिए करना है, उसमें समाज को साथ लेकर ही अच्छे से किया जा सकता है.”