भोपाल: मध्‍य प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेज के करीब 1000 प्रोफेसरों ने सामूहिक इस्‍तीफा दिया है. स्पष्ट प्रमोशन नीति सहित अपनी विभिन्न मांगों के लिए राज्य सरकार पर दबाब बनाने के लिए मध्यप्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले करीब 1,000 प्रोफेसरों ने पिछले 48 घंटों में सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है. प्रदेश के बाकी सात अन्य मेडिकल कॉलेजों के 2,300 प्रोफेसर भी शुक्रवार तक अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. इस संबंध में मध्यप्रदेश की चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ कई कोशिशों के बावजूद संपर्क नहीं हो सका.

इस्तीफा देने वाले मेडिकल प्रोफेसरों ने चेतावनी दी है कि यदि आठ जनवरी तक उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे 9 जनवरी से ड्यूटी पर नहीं आएंगे.

सेंट्रल मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन की मध्यप्रदेश इकाई के सचिव डॉ राकेश मालवीय ने गुरुवार को बताया कि प्रदेश के बाकी सात अन्य मेडिकल कॉलेजों के 2,300 प्रोफेसर भी शुक्रवार तक अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं.

मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन एमपी के सचिव ने कहा, ”हम चाहते हैं कि राज्य सरकार हमारे लिए स्पष्ट प्रमोशन नीति लेकर आए और 7वें वेतन आयोग में हमारे वेतन एवं पर्क्स में जो विसंगतियां हैं, उन्हें दूर करे.”

मेडिकल प्रोफेसरों के इस कदम से नौ जनवरी से मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती है, क्योंकि ये प्रोफेसर इन 13 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, एमडी और एमएस कोर्स कर रहे छात्रों को पढ़ाने के साथ-साथ इनसे जुड़े अस्पतालों में मरीजों को देखते भी हैं. भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज से जुड़े सरकारी हमादिया अस्पताल में ही रोजाना करीब 3,500 मरीज उपचार के लिए आते हैं.