देवास: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के देवास जिले में स्थित कबीर आश्रम (Kabir Ashram Devas) में रहने वाली कई मूक-बधिर महिलाओं के साथ दुष्कर्म (Rape in Kabir Ashram) का मामला सामने आया है. एक महिला तो गर्भवती भी हो गई और उसने बच्चे को जन्म दिया है. पुलिस ने कबीर आश्रम से छह महिलाओं को मुक्त कराया है और उन्हें वन स्टॉप सेंटर भेजा है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अगर आश्रम में सेवा के बजाय इनके साथ दुष्कर्म हुआ है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने ये भी कहा कि शुरूआती जांच में रेप (Rape) होने की घटना प्रतीत हो रही है. मानसिक रूप से कमजोर इन महिलाओं से सम्बन्ध किसने बनाए, रेप किसने किया, इसकी जांच की जा रही है. Also Read - माँ पर अपने 14 साल के बेटे से 'सम्बन्ध' बनाने का आरोप, बच्चे ने कोर्ट में कहा- मेरे साथ 2 साल तक...

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जामगोद स्थित कबीर आश्रम (Kabir Ashram in Madhya Pradesh) की एक मूक-बधिर महिला गर्भवती हो गई. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसने बच्चे को जन्म दिया है. मूक-बधिर महिला आखिर गर्भवती हुई कैसे, इस बात का पता लगाने की कोशिश की गई तो पुलिस और प्रशासन के सामने कई तथ्य सामने आए. आश्रम से छह महिलाओं को छुड़ाया गया. Also Read - Chhattisgarh: शेल्‍टर होम में रह रही महिला से रेप, आरोप में आश्रय स्थल का प्रबंधक अरेस्‍ट

जिलाधिकारी चंद्रमौली शुक्ला ने बताया कि जामगोद गांव में और एक अन्य स्थान पर कबीर आश्रम है. यहां की एक महिला के गर्भवती होने की बात सामने आने पर इंदौर से काउंसिलिंग के लिए विशेषज्ञों का दल बुलाया गया. साथ ही उसे अस्पताल में भर्ती किया गया. वहीं, यह पता करने के लिए कि महिला गर्भवती कैसे हुई, इसके लिए तहसीलदार और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी को आश्रम भेजा गया. काउंसिलिंग के जो वीडियो हैं वह देखकर प्रारंभिक तौर पर प्रतीत होता है कि इन महिलाओं/लड़कियों के साथ आश्रम में या आश्रम के बाहर कुछ गलत हरकत हुई है. Also Read - MP का प्‍यारे मियां रेपकांड: दुष्‍कर्म पीड़िता ने भोपाल के सरकारी अस्पताल में तोड़ा दम, उठे ये सवाल

जिलाधिकारी ने आगे बताया कि पूरा मामला पुलिस के संज्ञान में है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है. वहीं, इन महिलाओं की सुरक्षा हो सके तो उन्हें वन स्टॉप सेंटर में लाया गया है, जहां उनकी लगातार काउंसिलिंग चल रही है. एक मूक-बधिर महिला के गर्भवती होने के खुलासे और अन्य के साथ गलत हरकत की बात सामने आने के बाद से प्रशासन और हर कोई सकते में है. जानकारी के अनुसार, इस आश्रम में मानसिक रूप से बीमार महिलाओं को रखा जाता था. इन महिलाओं के लिए काम किया जाता था. यह आश्रम सेवा कार्य के लिए बनाया गया था. यहां मंदबुद्धि बालिकाओं को आस-पास के गांव के लोग भी छोड़ जाते थे, जिनकी यहां देखभाल की जाती थी.