नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता संभाले अभी 100 घंटे भी पूरे नहीं हुए हैं और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अंदेशा होने लगा है कि यह सरकार शायद पांच साल भी पूरे न कर पाए और उनकी (चौहान) पांच साल से पहले ही वापसी का मार्ग प्रशस्त हो जाए. पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने बुधवार रात मुख्यमंत्री आवास पर अंतिम कार्यक्रम में अपने विधानसभा क्षेत्र बुधनी से आए लोगों को संबोधित किया.

उन्होंने कहा कि किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, टाइगर अभी जिंदा है. चौहान बोल ही रहे थे, तभी पीछे से आवाज आई कि पांच साल बाद फिर लौटेंगे तो चौहान बोले ‘हो सकता है पांच भी पूरे न लगें. चौहान ने लोगों को भरोसा दिलाया कोई भी चिंता मत करना कि हमारा क्या होगा, मै हूं न शिवराज सिंह चौहान, टाइगर अभी जिंदा है.

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दूसरी ओर 15 साल बाद सरकार बनाने वाली कांग्रेस बहुमत से 2 सीट पीछे रह गई है. नतीजे आने के बाद बीएसपी और एसपी के अलावा 4 निर्दलीय विधायकों ने पार्टी को समर्थन दिया था. इस समय कांग्रेस के 114 विधायक हैं जबकि बहुमत के लिए 116 विधायकों की जरूरत है. यानी वह दो सीटों से बहुमत नहीं ला पाई है.

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इकनॉमिक टाइम्स को सूत्रों ने बताया कि 4 निर्दलीय विधायक कांग्रेस में शामिल होने के लिए राजी हो गए हैं. निर्दलीय विधायकों के पार्टी में शामिल होने के बाद कांग्रेस के विधायकों की संख्या 118 हो जाएगी जो बहुमत से 2 ज्यादा है. नियमों के मुताबिक कोई भी निर्दलीय विधायक किसी भी पार्टी में शामिल हो सकता है.

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पार्टी के सूत्रों ने बताया कि इन विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन दिया है. ये सभी दिग्वजिय सिंह के करीबी माने जाते हैं. सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ इन विधायकों को मंत्री भी बना सकते हैं. क्रिसमस से पहले इनके मंत्री बनने को लेकर फैसला हो जाएगा. हालांकि पार्टी के सूत्रों का कहना है कि बीएसपी और एसपी के विधायकों के ऊपर है कि वह कांग्रेस को बाहर से समर्थन देना चाहते हैं या सरकार में शामिल होना चाहते हैं. हालांकि कांग्रेस पार्टी के विधायक मंत्री पद पाने के लिए जोरदार लॉबिंग कर रहे हैं.

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230 सदस्य वाले विधानसभा में कांग्रेस के पास 114 सीटें, बीजेपी के पास 109, 4 निर्दलीय, बीएसपी के 2 और एसपी का एक विधायक है. यहां पर यह भी गौर करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ इस समय छिंदवाड़ा से सांसद हैं. 6 महीने के भीतर उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ना होगा. हालांकि मुख्यमंत्री के कई विधायक अपना इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं.

(इनपुट-एजेंसियां)