भोपाल: कोरोना वायरस के तेजी बढ़ रहे नये मामलों के मद्देनजर मध्य प्रदेश के अधिकांश भागों में कर्फ्यू लगाया गया है. ऐसे में रेहड़ी पटरी पर दूकान लगाकर रोजी रोटी चलाने वाले लोग परेशान हैं. इसी परेशानी को दूर करने के लिए ऐसे सभी लोगों के खातों में एक-एक हज़ार रुपए डालने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रेहड़ी पटरीवालों को राहत प्रदान करने के लिए उनके खाते में एक-एक हजार रूपए डाले जाएंगे.Also Read - ओमीक्रोन: महाराष्ट्र में पहली बार बी.ए. 4 के चार और बी.ए.5 के तीन मामले सामने आए, पुणे में भी मिले मरीज

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों के खाते में भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना निधि की एक किस्त भी शीघ्र ही डाली जाएगी. शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास से प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में यह बात कही. Also Read - महाराष्ट्र: उद्धव ठाकरे ने कोरोना को लेकर दी नसीहत, कहा- अभी खत्म नहीं हुआ संक्रमण, लोग...

उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी काल के इन कठिनाइयों वाले समय में जीवनयापन के लिये भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है. मध्य प्रदेश सरकार ने गरीबों को तीन महीने का राशन नि:शुल्क देने का फैसला किया है. भारत सरकार ने भी मई और जून दो माह का राशन नि:शुल्क देने निर्णय लिया है.’’ Also Read - देश में Omicron BA.4 की दस्तक, हैदराबाद में मिला पहला केस, वैज्ञानिकों ने कही ये बात

चौहान ने कहा, ‘‘इसके साथ शहरी और ग्रामीण रेहड़ी पटरीवालों के खाते में भी एक-एक हजार रूपए डालने का निर्णय लिया गया है. किसानों के खाते में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना निधि की एक किस्त भी शीघ्र ही डाली जाएगी. जनता को राहत देने के हरसंभव उपाय लगातार जारी रहेंगे.’’ मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल दस-दस हजार रूपये दिए जाते हैं. इसमें से छह-छह हजार केन्द्र सरकार देती है, जबकि चार-चार हजार मध्य प्रदेश सरकार दो समान किस्तों में देती है.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा,‘‘ हम सब मिलकर कोरोना के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं. राहत की बात यह है कि अब लगातार संक्रमण दर कम होती चली जा रही है. 22 अप्रैल को यह 24.29 प्रतिशत था जो 25 अप्रैल को 23.01 हो गया.’’