Madhya Pradesh, Jabalpur, oxygen, death toll, covid-19, Coronavirus, MP,  News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना वायरस (COVID19) संक्रमण की महामारी के तेज प्रकोप के बीच एक बार फिर ऑक्‍सीजन की कमी (oxygen shortage) को लेकर मौतों का मामला गर्मा गया है. यह ताजा मामला एमपी के जबलपुर (Jabalpur) जहां बृहस्पतिवार को रात में कोविड मरीजों केे परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. जबलपुर पुलिस ने  दर्ज कर ली है.Also Read - बिहार: आंधी-तूफान और बिजली के कहर में 33 लोगों की मौत, सीएम ने 4-4 लाख रुपए की मदद का ऐलान किया

न्‍यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मध्य प्रदेश के जबलपुर के गैलेक्सी अस्पताल में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से 5 मरीज़ों की मौत होने के मामले में पुलिस जांच कर रही है. लॉर्डगंज के SHO ने बताया, “कोविड वार्ड में भर्ती 5 मरीज़ की मौत हुई है. परिजनों की शिकायत है कि समय से ऑक्सीजन नहीं मिलने से मौतें हुई हैं. शिकायत दर्ज कर ली गई. ” Also Read - Monkeypox Disease: यौन संबंध बनाने से भी फैल सकता है 'मंकीपॉक्स' वायरस, विशेषज्ञों ने चेताया

Also Read - युवा शिविर में बोले पीएम मोदी, भारत आज दुनिया की नई उम्मीद बनकर उभरा है

मृतकों के परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन समाप्त होने 5 मरीजों की मौत हो गई  
नगर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली क्षेत्र) दीपक मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना गैलेक्सी अस्पताल में बृहस्पतिवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को हुई. उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन समाप्त होने इन पांच मरीजों की मौत हो गई.

परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा क‍िया,  गश्त कर रही पुलिस रात में ही पहुंची
मिश्रा ने बताया कि इन मरीजों की मौत के बाद परिजनों द्वारा अस्पताल के बाहर हंगामा किए जाने की जानकारी मिलने पर इलाके में गश्त कर रही पुलिस रात में ही अस्पताल में पहुंची और मृतकों के परिजनों ने शिकायत की कि ऑक्सीजन समाप्त होने से मरीजों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि यह अस्पताल बृहस्पतिवार को देर रात तक में चिकित्सकीय ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति की प्रतीक्षा कर रहा था, लेकिन इसे ला रहा वाहन खराब हो गया.

10 ऑक्सीजन सिलेंडर इस अस्पताल में पहुंचाए गए
नगर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली क्षेत्र) दीपक मिश्रा ने बताया कि इसके बाद पुलिस के जवान एक निजी एजेंसी गए और वहां से ऑक्सीजन सिलेंडर लाए. एक वाहन का बंदोबस्त किया गया और उसमें 10 ऑक्सीजन सिलेंडर इस अस्पताल में पहुंचाए गए. उन्‍होंने ने कहा, ”मृतकों के परिजनों ने इस मामले में पुलिस से जांच करने की मांग की है. हम जांच करने के लिए लिखित शिकायत का इंतजार कर रहे हैं.”

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई ने कहा- अस्पताल के खराब प्रबंधन के कारण यह घटना हुई
भाजपा विधायक एवं प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते  कहा, ”ऑक्सीजन के संबंध में निजी अस्पताल के खराब प्रबंधन के कारण यह घटना हुई.” बीजेपी विधायक ने कहा कि निजी अस्पताल को जरूरत को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकीय ऑक्सीजन सिलेंडरों का पहले से ही बंदोबस्त करके रखना चाहिए था. विश्नोई ने दावा किया, अभी जबलपुर में चिकित्सकीय ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है. कई बार प्रयास करने के बावजूद अस्पताल से इस संबंध में किसी की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई.

17-18 अप्रैल की रात को एमपी के शहडोल में हुईं थीं 6 मौतें
बता दें कि बीते 17-18 अप्रैल की रात मध्य प्रदेश के शहडोल मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन का दबाव कम होने से 6 मरीजों की मौत हो गई थी. कथित रूप से चिकित्सकीय ऑक्सीजन आपूर्ति का दबाव कम हो जाने से कोविड-19 सेंटर के आईसीयू वार्ड में छह मरीजों की मौत हुईं थीं. मृतकों के परिजनों को आरोप है कि ऑक्सीजन की कमी से उनकी मौत हुई है, जबकि जिला प्रशासन ने इस आरोप को गलत बताते हुए कहा कि जिन छह मरीजों की मौत हुई है, उनमें से किसी भी मरीज की मौत ऑक्सीजन आपूर्ति नहीं होने के कारण नहीं हुई है. सरकारी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ मिलिंद शिरालकर ने बताया था, ” मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 सेंटर के आईसीयू वार्ड में 62 गंभीर मरीज भर्ती थे. बीती देर रात तरल ऑक्सीजन का दबाव कम हो जाने से इन मरीजों में से छह मरीजों की मौत हो गई.” उन्होंने कहा  था कि हालांकि, अन्य गंभीर मरीज सुरक्षित है. शिरालकर ने बताया था, विशेषज्ञों को बुलाया गया है और इस घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है.

डीन ने ऑक्‍सीजन की कमी बताई थी, कलेक्‍टर ने कुछ और ही कहा था
शहडोल मेडिकल कॉलेज में 10 केएलडी भंडारण क्षमता वाला ऑक्सीजन संयंत्र है. इसके लिए तरल ऑक्सीजन बाहर के राज्यों से आती है क्योंकि मध्य प्रदेश में इसका उत्पादन नहीं होता. शिरालकर ने बताया कि शनिवार देर शाम तक ऑक्सीजन खत्म हो रही थी, इसलिए तरल ऑक्सीजन प्रदान करने वाली संस्था से लगातार संपर्क किया जा रहा था, लेकिन वाहन देर रात तक तरल ऑक्सीजन लेकर नहीं पहुंचा, जिसके चलते मरीजों को दी जाने वाली ऑक्सीजन का दबाव कम हो गया. उन्होंने कहा था कि पिछले कुछ दिन से ऑक्सीजन की कमी की समस्या पैदा हो गई है. हालांकि शहडोल कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह ने मीडिया को बताया था, ”मेडिकल कॉलेज में कल रात में छह मरीजों की मौत हुई है, लेकिन वे सभी गंभीर मरीज थे. इनमें से किसी भी मरीज की मौत ऑक्सीजन आपूर्ति नहीं मिलने के कारण नहीं हुई है.

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के 12384 नए मामले, 75 लोगों की मौत
मध्यप्रदेश में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 12,384 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 4,59,195 तक पहुंच गई. राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से प्रदेश में 75 और व्यक्तियों की मौत हुई है. एमपी  मेें अब तक इस बीमारी से जान गंवाने वालों की संख्या 4,863 हो गई.  यह जानकारी मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने दी है. मध्‍य  प्रदेश में आज कोविड-19 के 1781 नए  मामले इंदौर में आये, जबकि भोपाल में 1729, ग्वालियर में 1190 एवं जबलपुर में 803 नये मामले आए.  एमपी में प्रदेश में कुल 4,59,195 संक्रमितों में से अब तक 3,69,375 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गये हैं और 84,957 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है. गुरुवार को  9620 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.