बैतूल: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेंद्र कुमार त्रिपाठी एवं उनके युवा बेटे अभियनराज मोनू का रविवार को फूड प्‍वाइजनिंग से असमयिक मौत हो गई. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नागपुर के एलिक्सिस अस्पताल में एडीजे महेंद्र कुमार त्रिपाठी (50) की रविवार को सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनके पुत्र अभियन राज (25) ने नागपुर जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया. Also Read - मशहूर शायर राहत इंदौरी हुए कोरोना का शिकार, खुद ट्वीट कर बोले- दुआ कीजिए इसे हरा दूं

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रद्धा जोशी के मुताबिक, फूड पॉइजनिंग के बाद पिता-पुत्र को 23 जुलाई को पाढर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां हालत बिगड़ने पर उन्हें नागपुर रेफर किया गया था. एडीजे के बेटे की हालत अधिक गंभीर थी और उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया. Also Read - बच्चों ने CM को लिखा पत्र, स्वास्थ्य-शिक्षा की खोल दी पोल, पढ़ें Letters

एएसपी के मुताबिक, पिता-पुत्र व परिवार ने 20 जुलाई की रात में जो भोजन किया, उसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई. पुलिस को संदेह है कि मजिस्ट्रेट परिवार ने जो चपातियां खाई थीं, उससे फूड पॉइजनिंग हुई. मजिस्ट्रेट और उनके दो पुत्रों ने चपाती खाई थी. जबकि पत्नी ने चपाती नहीं खाई थी, बल्कि चावल खाया था. इसी कारण वह पॉइजनिंग का शिकार नहीं हुईं. वहीं, एक बेटे की तबीयत सुधर गई.

एएसपी ने बताया कि पुलिस इस मामले में घर में रखे आटे की सैम्पलिंग करेगी और बिसरा भी जांच के लिए भेजा जाएगा. पिता-पुत्र दोनों के शवों का परीक्षण नागपुर में ही किया जा रहा है. उनके नाखून और बाल संरक्षित कर रखे जाने के लिए कहा गया है. पाढर हॉस्पिटल के प्रबंधन का कहना है कि 23 जुलाई को पिता-पुत्र को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था.