भोपालः मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का टिकट मांगने वालों से कांग्रेस 50,000 रुपए पार्टी कोष में जमा कराएगी, जबकि महिलाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों से 25,000 रुपए लेगी.Also Read - PM मोदी पांच नवंबर को केदारनाथ जाएंगे, 250 करोड़ रुपए की केदारपुरी परियोजना शुरू करेंगे

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मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया ने रविवार को संवाददाताओं का बताया कि प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा के लिए कांग्रेस का टिकट मांगने वाले हर उम्मीदवार से 50,000 रुपए पार्टी कोष में जमा कराए जाएंगे. हालांकि, महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों से यह राशि 25,000 रुपए ली जाएगी. यह पैसा डिमांड ड्राफ्ट से लिया जाएगा. यह फैसला प्रदेश चुनाव समिति ने रविवार की बैठक में पारित किया. उन्होंने कहा कि इससे टिकट मांगने वालों में भी गंभीरता बनी रहेगी और पार्टी को कोष के लिए जूझना भी नहीं पड़ेगा. Also Read - 'बड़े दिल वाले नेता के समझदार शब्द', आखिर वरुण गांधी ने अब किसके खिलाफ खोल दिया है मोर्चा

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बावरिया ने बताया कि प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का टिकट मांगने वाले उम्मीदवार पांच मार्च से 15 मार्च के बीच अपना आवेदन प्रदेश कमेटी को तय किए हुए डिमांड ड्राफ्ट के साथ देना होगा. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस गरीब उम्मीदवारों को पार्टी टिकट देने से वंचित कर रही है. यदि कोई उम्मीदवार गरीब है और दमदार है, तो पार्टी उससे यह राशि नहीं लेगी.

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उन्होंने कहा कि इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एवं पार्टी के केंद्रीय चुनाव कमेटी इन उम्मीदवारों में से दमदार उम्मीदवार का चयन करेगी.बावरिया ने बताया कि पार्टी का टिकट मांगने वाला कोई भी उम्मीदवार टिकट का आवेदन करते समय शक्ति प्रदर्शन न करे, क्योंकि ऐसा करना मना किया गया है. मध्यप्रदेश की भाजपानीत सरकार को किसान विरोधी और भ्रष्टाचारी बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस समूचे मध्यप्रदेश में बीजेपी के कुशासन के खिलाफ 12 मार्च से बड़ा आंदोलन करेगी. इसके तहत 12 मार्च को मध्यप्रदेश विधानसभा का घेराव किया जाएगा.