नई दिल्ली: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के नतीजे जैसे-जैसे सामने आते जा रहे हैं, यह स्पष्ट होता जा रहा है कि लगातार 15 सालों से सत्ता में कायम भाजपा के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. रुझानों से यह स्पष्ट होता जा रहा है कि भाजपा सत्ता से दूर रह सकती है. शुरुआती विश्लेषण में यह लग रहा है कि राज्य के कई इलाकों में एंटी-इंकम्बेंसी और बागियों के असर से भाजपा जीत से दूर रह गई. आमतौर पर शहरी क्षेत्रों को भाजपा का गढ़ माना जाता है, लेकिन इस बार के नतीजे कुछ अलग कहानी कह रहे हैं. राज्य के चार बड़े शहरी क्षेत्र- भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में रुझानों से लग रहा है कि इन इलाकों में भाजपा का प्रभाव कम हो रहा है. इन चारों शहरी लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत कुल 33 सीटें हैं. इनमें से 17 सीटों पर कांग्रेस या तो जीत चुकी है या बढ़त बनाए हुए है. बाकी 16 सीटें भाजपा के खाते में जाती हुई दिख रही हैं. भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन का गढ़ माने जाने वाले इंदौर में भाजपा को जोरदार झटका लगा है. हालांकि, राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी अपना गढ़ बचाने में कामयाब होती दिख रही है. वहीं, जबलपुर और ग्वालियर में मुकाबला करीब-करीब बराबरी का दिख रहा है.

भोपाल: इस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आठ विधानसभा सीटें हैं. इनमें से 6 सीटों पर भाजपा आगे है. राजधानी की दो सीटें परंपरागत रूप से कांग्रेस का गढ़ रही हैं-भोपाल उत्तर और भोपाल मध्य. इन दोनों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार इस बार भी आगे चल रहे हैं.

इंदौर: राज्य की व्यावसायिक राजधानी मानी जाने वाली इंदौर में विधानसभा की 9 सीटें हैं. इस चुनाव में भाजपा को यहां दो ही सीटें मिलती दिख रही हैं. इंदौर-2 से रमेश मेंदोला और इंदौर-4 से मालिनी लक्ष्मण गौड़ लगातार अपनी बढ़त बनाए हुए हैं. इसके अलावा सात सीटों पर कांग्रेस जीत की ओर आगे बढ़ती नजर आ रही है. सबसे आश्चर्यजनक रुझान इंदौर-2 सीट से मिल रहा है. यहां कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय भाजपा उम्मीदवार हैं लेकिन वोटों की गिनती में पीछे चल रहे हैं.

जबलपुर: इस लोकसभा क्षेत्र में आठ सीटें हैं. हालिया रुझानों को देखें तो भाजपा यहां बढ़त की हालत में दिख रही है. चुनाव आयोग के ताजा रुझानों के मुताबिक जबलपुर की आठ में से पांच सीटों पर भाजपा आगे है जबकि तीन सीटों पर कांग्रेस को बढ़त है.

ग्वालियर: कांग्रेस नेता और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया का मजबूत गढ़ ग्वालियर में कांग्रेस भाजपा से आगे है. इस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें हैं. इनमें से पांच पर कांग्रेस और तीन पर भाजपा आगे है. सबसे रोचक रुझान भितरवार से देखने को मिल रहा है, जहां भाजपा उम्मीदवार और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भतीजे अनूप मिश्रा कांग्रेस के मुकाबले काफी पीछे चल रहे हैं.