भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को अनुपूरक बजट बिना चर्चा के पारित कर दिया गया. मानसून सत्र पांच दिनों का था, मगर पांच घंटे में सिमट गया. इसी सत्र में कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी, लेकिन दूसरे दिन भारी हंगामे के बीच अध्यक्ष ने कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी. इस तरह 14वीं विधानसभा का अंतिम सत्र अचानक थम गया.14वीं विधानसभा का यह अंतिम सत्र 29 जून तक चलना था. कांग्रेस सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग लगातार कर रही थी, मगर सत्र निर्धारित अवधि तक भी चल न सका. विधानसभा चुनाव साल के अंत में होना है. Also Read - संसद के मानसून सत्र की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, कई रिकॉर्ड बने

1,190 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही हंगामे से शुरू हुई. आपातकाल की बरसी का जिक्र करते हुए सत्तापक्ष ने विपक्ष पर हमला बोला. हंगामा बढ़ा तो कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी गई. उसके बाद भी हंगामा जारी रहा. पहले दिन सोमवार को हंगामे के बीच ही वित्तमंत्री जयंत मलैया ने 11,190 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया था, जिसे अगले दिन बिना चर्चा के मंजूरी दे दी गई. Also Read - केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद बोले- 'सांसदों का निलंबन वापस लेने पर तभी विचार किया जाएगा जब वे...'

विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं
विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर भी कोई चर्चा नहीं हुई. इस दौरान 17 विधेयकों को मंजूरी दे दी गई. हंगामा बढ़ा तो विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी. Also Read - विपक्षी नेताओं का राज्यसभा से वॉकआउट, इन तीन मांगों के पूरा नहीं होने तक सदन की कार्यवाही का करेंगे बहिष्कार

सदन की कार्यवाही को चार बार स्थगित
सत्तारूढ़ बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच नोकझोंक एवं शोरगुल के कारण सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले आज भी सदन की कार्यवाही को चार बार स्थगित करना पड़ा.

आपातकाल के काला दिवस पर भिड़े
मंगलवार को सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, आज काला दिवस है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लगी था.” मिश्रा ने कहा कि आपातकाल लगाने के लिए इंदिरा गांधी नीत तत्कालीन केंद्र सरकार के खिलाफ ‘निन्द्रा प्रस्ताव’पारित किया जाना चाहिए. इस पर मिश्रा व अन्य मंत्रियों एवं भाजपा सदस्यों ने अध्यक्ष से मांग की कि निन्दा प्रस्ताव पर चर्चा होनी चाहिए.

कांग्रेस सदस्यों ने की नारेबाजी और आसन के पास आ गए
गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि आपातकाल के लिए कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए. यह सुनकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्य खड़े हो गए और सत्तारूढ़ भाजपा की मांग का विरोध करने लगे. कांग्रेस सदस्यों ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और आसन के पास आ गए. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी. सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा.

अध्यक्ष ने दोनों दलों के सदस्यों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन सदन में हंगामा नहीं थमते देख उन्होंने कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी. इसके बाद कार्यवाही शुरू होने पर भी शोर-शराबा बंद नहीं हुआ. इसी दौरान भाजपा की विधायक नीलम अभय मिश्रा ने अपने परिवार पर पुलिस की कथित ज्यादती का मुद्दा उठाया. कांग्रेस ने उनका समर्थन करते हुए हंगामा किया और तीसरी बार सदन की कार्यवाही एक बजे तक स्थगित कर दी गई.

पति की गिरफ्तारी पर बीजेपी विधायक रोई
चौथी  जब सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो कांग्रेस सदस्य अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा करने लगे. इसी बीच, भाजपा विधायक नीलम आसन के सामने धरने पर बैठ गई और रोने लगीं. कांग्रेस सदस्य उनके समर्थन में आ गए और आसन के सामने नारेबाजी करने लगे. इस वजह से सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए चौथी बार स्थगित करनी पड़ी. सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर भी हंगामे जारी रहा और अध्यक्ष ने विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी.

छूटने की खबर मिलते शांत हुई नीलम मिश्रा 
सदन में भाजपा विधायक नीलम मिश्रा को सूचना मिली कि उनके पति अभय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है. नीलम ने अपने पति की गिरफ्तारी के लिए मंत्री राजेंद्र सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए अलग हंगामा किया. आसंदी के पास जाकर उन्होंने धरना दे दिया और रोने भी लगीं. इस हंगामे में कांग्रेस की विधायकों ने भी उनका साथ दिया. कुछ देर बाद खबर आई कि अभय मिश्रा को छोड़ दिया गया है, उसके बाद नीलम मिश्रा शांत हुईं. (इनपुट- एजेंसी)