इंदौर : मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा ने बड़ा फेरबदल करते हुए अपने राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर जिले से इस बार टिकट नहीं दिया है. कैलाश फिलहाल इंदौर की महू सीट से विधायक हैं. हालांकि, पार्टी ने उनके बेटे आकाश को चुनावी मैदान में उतारा है. भारी कश्मकश के बाद भाजपा उम्मीदवारों की बृहस्पतिवार को जारी तीसरी सूची में यह तस्वीर सामने आयी है. यह बहुप्रतीक्षित फेहरिस्त चुनावी नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख यानी नौ नवंबर के केवल एक दिन पहले जारी की गयी है.

विजवर्गीय के नाम इंदौर जिले की अलग-अलग सीटों से वर्ष 1990 से लगातार छह बार विधानसभा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है. वह वर्ष 2008 और वर्ष 2013 के पिछले दो चुनावों के दौरान जिले के डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) क्षेत्र से चुनकर विधानसभा पहुंचे थे. बहरहाल, इस बार भाजपा ने महू सीट से विजयवर्गीय के स्थान पर पार्टी की प्रदेश इकाई की उपाध्यक्ष ऊषा ठाकुर पर उम्मीदवारी का भरोसा जताया है. ठाकुर वर्ष 2013 के पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान इंदौर शहर के क्षेत्र क्रमांक-तीन से चुनी गयी थीं. लेकिन इस बार उन्हें अपनी पुरानी सीट छोड़नी पड़ी है, क्योंकि इंदौर-तीन से विजयवर्गीय के बेटे आकाश को टिकट दिया गया है. आकाश अपने जीवन का पहला चुनाव लड़ने जा रहे हैं.

गौरतलब है कि विजयवर्गीय की परंपरागत सीट इंदौर-दो रही है. इसी क्षेत्र में उनका पैतृक निवास भी है. लेकिन वर्ष 2008 के विधानसभा चुनावों में उन्हें यह सीट छोड़कर उम्मीदवारी के लिये महू क्षेत्र जाना पड़ा था जो उस वक्त कांग्रेस का मजबूत गढ़ हुआ करता था. वर्ष 2008 में जब विजयवर्गीय ने इंदौर-दो छोड़ी, तो भाजपा ने इस सीट से बतौर उम्मीदवार उनके पुराने साथी रमेश मैंदोला पर भरोसा जताया था. मैंदोला, इंदौर-दो से वर्ष 2008 और 2013 के दो पिछले विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं और भाजपा ने उन्हें इस बार भी इसी सीट से चुनावी मैदान में उतारा है.

जिले की राऊ सीट से इस बार वरिष्ठ भाजपा नेता मधु वर्मा को उम्मीदवारी का मौका दिया गया है. इस सीट से प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पिछला विधानसभा चुनाव जीता था. पटवारी आसन्न विधानसभा चुनावों में इसी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार हैं. वर्ष 2013 के पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस जिले की कुल नौ सीटों में से केवल राऊ सीट जीत सकी थी, जबकि आठ अन्य सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया था.

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इस बार भाजपा ने जिले की कुल छह सीटों पर अपने निवर्तमान विधायकों को उम्मीदवारों के रूप में बरकरार रखा है. इनमें इंदौर-दो से रमेश मैंदोला के अलावा देपालपुर से मनोज पटेल, इंदौर-एक से सुदर्शन गुप्ता, इंदौर-चार से मालिनी गौड़, इंदौर-पांच से महेंद्र हार्डिया और सांवेर से राजेश सोनकर शामिल हैं. भाजपा की ताजा सूची में युवा नेता अजीत प्रेमचंद्र बौरासी को पड़ोसी उज्जैन जिले की घट्टिया सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. बौरासी पूर्व लोकसभा सांसद प्रेमचंद्र गुड्डू के पुत्र हैं. गुड्डू अपने पुत्र अजीत समेत दो नवंबर को ही कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए हैं.

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भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति के सचिव जगत प्रकाश नड्डा के हस्ताक्षर से जारी 32 उम्मीदवारों की तीसरी सूची में भोपाल की गोविंदपुरा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल गौर की पुत्रवधू और पूर्व महापौर कृष्णा गौर को उम्मीदवार बनाया गया है. इस सूची में दिमनी से शिवमंगल सिंह तोमर, अंबाह से गब्बर सिकरवार, मेहगांव से राकेश शुक्ला, डबरा से कप्तान सिंह सहसरी, भांडेर से रजनी प्रजापति, निवाड़ी से अनिल जैन, राजनगर से अरविंद पटैरिया, पथरिया से लखन पटेल,अमरपाटन से रामखिलावन पटेल, सिहावल से शिव बहादुर चंदेल, बडवारा से मोती कश्यप, पाटन से अजय विश्नोई को उम्मीदवार बनाया गया है. इसके अलावा पार्टी ने तेंदूखेड़ा से मुलायम सिंह कौरव, गाडरवारा से गौतम पटेल, शाजापुर से अरुण भिमावत, कालापीपल बाबू लाल वर्मा, सोनकच्छ से राजेंद्र वर्मा, राजपुर से अंतर पटेल और झाबुआ से जी एस डामोर को टिकट दिया है.

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इससे पहले भाजपा 176 और 17 उम्मीदवारों की सूचियां जारी कर चुकी है. इस तरह पार्टी ने 230 विधानसभा क्षेत्रों में से 225 पर उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं. अब सिर्फ पांच विधानसभा क्षेत्र रह गए हैं, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताज सिंह का सिवनी-मालवा क्षेत्र भी है.