भोपाल: मध्यप्रदेश में हो रहे विधानसभा उपचुनाव के बीच में राजय की कांग्रेस इकाई में राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह की तस्वीरें गायब हैं. इस बात को लेकर पार्टी के ‘वचन पत्र’ को विवाद सामने आया है. वचन पत्र में इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और कमलनाथ की तस्‍वीरें तो दिख रहीं हैं, लेकिन राहुल गांधी व एमपी के सीनियर नेता दिग्‍विजय सिंह की फोटो नहीं हैं. Also Read - बहु को प्रेग्नेंट नहीं होने दे रहा ससुर, बोला- पहले मेरी सेवा करो

इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता माणक अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी के नाम पर मध्य प्रदेश में पार्टी ने चुनाव जीता था. उन्होंने आगे कहा कि घोषणापत्र से लापता दिग्विजय सिंह की तस्वीर को देखकर आश्चर्य होता है, क्योंकि उनके पास राज्य में अनुयायियों की एक सेना है, इसलिए राहुल गांधी और पार्टी के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की तस्वीरें जरूर होनी चाहिए. Also Read - पश्चिम बंगाल में बोले जेपी नड्डा, बहुत जल्द लागू होगा नागरिकता संशोधन कानून

पार्टी के 2018 के विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में, राहुल गांधी की एक तस्वीर सामने पृष्ठ पर थी, लेकिन इस बार उनकी तस्वीर को पूर्व सांसद सीएम कमलनाथ, सोनिया गांधी और इंदिरा गांधी ने बदल दिया है. Also Read - मध्य प्रदेश उपचुनाव: अब शिवराज सरकार के मंत्री ने कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी को 'रखैल' कहा, वीडियो हुआ वायरल

बीजेपी की सरकार के कैबिनेट मंत्री गोपाल भार्गव ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह दोनों को रणनीतिक रूप से घोषणापत्र से बाहर रखा गया, क्योंकि वे चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाएंगे. कांग्रेस को पता है कि राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह मोर्चे में आने के लिए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेंगे. उपचुनाव खत्म होते ही दोनों नेता मोर्चे पर वापस होंगे. कांग्रेस बस जनता को भ्रमित कर रही है. ”

कमलनाथ राज्य में फिर से बहुमत हासिल करने के लिए राज्य की सभी 28 सीटों को हासिल करना होगी, जबकि सत्तारूढ़ बीजेपी को 116 की जादुई संख्या तक पहुंचने के लिए केवल 9 सीटों की जरूरत है. मध्‍य प्रदेश विधानसभा की 230 सदस्‍यों में से बीजेपी के 107 एमएलए, कांग्रेस के 88, बीएसपी के 2 और सपा का एक विधायक है. जबकि 4 निर्दलीय हैं.