भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभालते ही कमलनाथ ने राज्य विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के ‘वचन पत्र’ (घोषणा पत्र) में किसानों के कर्ज माफ करने के किए गए वादे के अनुसार सोमवार शाम सबसे पहले किसानों के दो लाख रुपए तक कर्ज माफ करने की फाइल पर हस्ताक्षर किए. राजधानी के जंबूरी मैदान में सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कमलनाथ को राज्य के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई. शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ सीधे सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने कई फाइलों पर दस्तखत किए.

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कांग्रेस ने चुनाव से पहले वचनपत्र जारी किया था, जिसमें किसानों की कर्जमाफी सत्ता में आने के 10 दिनों के भीतर करने का भरोसा दिलाया गया था. कमलनाथ के शपथ लेते ही पहला जो सबसे बड़ा फैसला सामने आया है, वह किसानों की कर्जमाफी का ही है.

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बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस साल 7 जून को मंदसौर जिले की पिपल्या मंडी में एक रैली में घोषणा की थी कि यदि मध्यप्रदेश में उनकी सरकार सत्ता में आई तो वह 10 दिन के अंदर किसानों का कर्ज माफ कर देगी. 11वां दिन नहीं लगेगा. इसके बाद, कांग्रेस ने किसानों की कर्ज माफी को अपने वचन पत्र में शामिल किया था.

इसकी जानकारी मध्यप्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजोरा ने दी. राजोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा कर्जमाफी की फाइल पर हस्ताक्षर करने के बाद इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं.

उन्होंने कहा, ”सोमवार शाम जारी आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश शासन एतद् द्वारा निर्णय लिया जाता है कि मध्यप्रदेश राज्य में स्थित राष्ट्रीयकृत और सहकारी बैंकों में अल्पकालीन फसल ऋण के रूप में शासन द्वारा पात्रता अनुसार पात्र पाए गए किसानों के दो लाख रुपए की सीमा तक का 31 मार्च 2018 की स्थिति में बकाया फसल रिण माफ किया जाता है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस साल 7 जून को मंदसौर जिले की पिपल्या मंडी में एक रैली में घोषणा की थी कि यदि मध्यप्रदेश में उनकी सरकार सत्ता में आई तो वह 10 दिन के अंदर किसानों का कर्ज माफ कर देगी. 11वां दिन नहीं लगेगा. इसके बाद, कांग्रेस ने किसानों की कर्ज माफी को अपने वचन पत्र में शामिल किया था.

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