भोपाल: मध्य प्रदेश के सियासी संग्राम के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार की रात को राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात करने के बाद दावा किया है कि बहुमत उनके पास है, इसलिए विश्वास मत पेश करने की बात ही नहीं है, भाजपा को अविश्वास है तो उन्होंने सोमवार को सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाया है, जिस पर आगे निर्णय होगा. राज्यपाल लालजी टंडन ने विधानसभा का बजट सत्र के अभिभाषण के बाद फ्लोर टेस्ट न होने पर एतराज जताया है. उन्होंने एक पत्र मुख्यमंत्री को लिखा जिसमें सख्त भाषा का इस्तेमाल किया गया है. इसके बाद सोमवार की रात को राज्यपाल से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की. Also Read - मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री की रेस में शिवराज सिंह सबसे आगे, आज शाम ही ले सकते हैं शपथ

राज्यपाल से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, “मैंने अभी राज्यपाल महोदय से वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की है. आज बजट सत्र में उनके अभिभाषण पर उन्हें धन्यवाद अर्पित किया है. मैंने उन्हें कहा है कि संविधान के दायरे व नियम प्रक्रिया के तहत हम हर चीज में राजी हैं.” Also Read - भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस छोड़ने वाले MP के 21 पूर्व विधायक, विशेष विमान से भोपाल पहुंचे

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “भाजपा बार-बार कहती है कि हमारे पास बहुमत नहीं है, फ्लोर टेस्ट की मांग करती है तो हम ने उन्हें कहा था कि भाजपा को लगता है कि हमारे पास बहुमत नहीं है तो उन्हें अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहिए. आज वो लाए हैं, उन्होंने स्पीकर के सामने प्रस्ताव पेश किया है. हम अपना बहुमत साबित करेंगे. साथ ही उन 16 बंधक विधायक को भी सामने लाना चाहिए, उन्हें भी स्वतंत्र करना चाहिए.” Also Read - कांग्रेस सरकार गिरने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- जनता की जीत हुई, शिवराज बोले- सत्यमेव जयते

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बहुमत होने का दावा करते हुए कहा, “बहुमत को लेकर कोई कुछ भी कहे, हमारे पास आज बहुमत है और हम उसे साबित भी करेंगे.”

बीते दस दिनों से राज्य की सियासत में हलचल मची हुई है. राज्यपाल टंडन ने सोमवार की दोपहर को दोबारा मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर मंगलवार 17 मार्च तक फ्लोर टेस्ट कराने को कहा है.

ज्ञात हो कि राज्यपाल लालजी टंडन ने सोमवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक बार फिर पत्र लिखकर फ्लोर टेस्ट कराने को कहा. उन्होंने कहा है कि 17 मार्च तक फ्लोर टेस्ट कराएं. फ्लोर टेस्ट नहीं होता है तो यह माना जाएगा कि विधानसभा में आपको बहुमत प्राप्त नहीं है.

राज्यपाल लालजी टंडन ने सोमवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक बार फिर पत्र लिखा है और उन्होंने कहा है कि 17 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराया जाए. उन्होंने अपने पत्र में आगे लिखा है कि पूर्व में फ्लोर टेस्ट के लिए लिखे गए पत्र के जवाब में आपकी ओर (मुख्यमंत्री) से जो तर्क दिए गए हैं वह आधारहीन हैं. लिहाजा 17 मार्च तक लोर फ्टेस्ट कराया जाए.

राज्यपाल ने 14 मार्च को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से कहा था कि विधानसभा के बजट सत्र में अभिभाषण के बाद फ्लोर टेस्ट कराया जाए, मगर ऐसा हुआ नहीं. आपकी ओर से 14 मार्च के पत्र का जो जवाब दिया गया है, उसकी भाषा संसदीय मर्यादाओं के अनुकूल नहीं है.

आगे लिखा है कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए मंगलवार 17 मार्च तक मध्य प्रदेश विधानसभा में फ्लेार टेस्ट कराएं और बहुमत साबित करें, अन्यथा यह माना जाएगा कि वास्तव में आपको विधानसभा में बहुमत नहीं है.

राज्य में सोमवार को भी सियासी घमासान रहा. भाजपा ने 106 विधायकों के साथ राजभवन में पहुंचकर राज्यपाल टंडन को शपथ पत्र सौंपे और विधायकों की परेड कराई. विधायकों को फिर मानेसर भेजने की येाजना बनाई मगर विधायकों को बाद में हवाई अड्डे से वापस लौटाया गया.

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की कमलनाथ सरकार को अल्पमत की सरकार करार दिया है. साथ ही फ्लोर टेस्ट करने की मांग की है.