भोपाल: मध्यप्रदेश में इसी साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होना है. वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के मैदान में आने के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की स्थिति सुधरने के संकेत मिल रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस के अंदर अब यह कानाफूसी होने लगी है कि चुनाव में कौन सीएम होगा. लेकिन कांग्रेस का मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन हो, तमाम बैठकों के बावजूद कांग्रेस आलाकमान अब तक इस बात का फैसला नहीं कर पाया है. Also Read - शिवराज चौहान ने पूछा- क्या राहुल गांधी की कांग्रेस अलग है और कमलनाथ की कांग्रेस अलग?

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वहीं इन अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा. ज्योतिरादित्य सिंधिया यह जवाब उस वक्त दिया जब उनसे चुनाव में कांग्रेस का चेहरा पेश किये जाने पर पार्टी नेताओं में हुए मतभेद पर पूछे गये सवाल पुछा गया. उन्होंने कहा कि चुनाव में चेहरा पेश करने के संबंध में न केवल कांग्रेस बल्कि दूसरे दलों में भी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रणनीति होती है. Also Read - बिहार: कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय से 8 लाख रुपए बरामद, इनकम टैक्स अफसरों ने रणदीप सिंह सुरजेवाला से की पूछताछ

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उन्होंने कहा प्रत्येक राज्य की स्थिति अलग होती है. मेरी सोच-विचार मध्यप्रदेश के संदर्भ में नहीं है, एक राष्ट्रीय स्तर पर है. उन्होंने कहा, चुनाव के लिए चेहरा तय करने का अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान लेता है, इस पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है. लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक एवं मध्यप्रदेश की गुना संसदीय सीट से सांसद सिंधिया ने बताया, मैं आम कार्यकर्ता था, हूं और रहूंगा. उन्होंने कहा, मैंने पिछले 16 वर्षों में पार्टी द्वारा दी गई हर जिम्मेदारी निभाने की कोशिश की है. पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी दे, उसे मैं दायित्व नहीं, वरन धर्म समझता हूं.

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा पेश करने के बारे में कांग्रेस नेताओं में कथित रूप से मतभेद है. कांग्रेस का एक गुट चाहता है कि सवा चौदह साल से मध्यप्रदेश में सत्तारूढ बीजेपी सरकार को हटाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ पार्टी को चेहरा पेश करना चाहिए, जबकि दूसरा गुट इसका यह कहते हुए विरोध कर रहा है कि कांग्रेस में ऐसी प्रथा नहीं है.

हाल ही में प्रदेश की मुंगावली एवं कोलारस विधानसभा सीटों के उपचुनाव में पार्टी की जीत का अंतर वर्ष 2013 की जीत के मुकाबले कम होने पर सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान एवं उनके मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने लंबे समय तक इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में डेरा डाला और मतदाताओं को लुभाने के सभी प्रयास किये, लेकिन फिर भी विफल रहे. (भाषा इनपुट )