भोपाल: मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने हैरान कर देने वाला एक बयान दिया है. डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि जजों ने कानून की व्याख्या अपनी मर्जी के मुताबिक करना शुरू कर दिया है. उनके पूर्वग्रह और दुर्भावानाएं आज की न्यायिक प्रक्रिया में तेजी से प्रदर्शित हो रही हैं. ये चुनौतीभरा वक्त है. आमतौर पर विवादों से दूर रहने वाले सीनियर आईपीएस अधिकारी का ये बयान हैरान करने वाला है और उनका ये बयान सीधे न्यायिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जजों की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है.

बता दें कि 1983 बैच के आईपीएस अफसर ऋषि कुमार शुक्ला प्रदेश मध्य प्रदेश के डीजीपी पद पर जून 2016 से हैं. उन्हें डीजीपी सुरेंद्र सिंह के रिटायरमेंट के बाद एमपी का पुलिस महानिदेशक बनाया गया था. इस पद पर लगभग 4 साल तक रहेंगे. शुक्ला डीजीपी के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करते हैं तो वे अब तक के सबसे लंबे समय तक डीजीपी के पद रहने अफसर होंगे. शुक्ला इस पद पर लगभग 4 साल तक रहेंगे और उनका रिटायरमेंट अगस्त 2020 में है. सीनियर आईपीएस शुक्ला मूलत: ग्वालियर के रहने वाले हैं.
तेज तर्रार और ईमानदार आईपीएस की छवि  
ऋषि कुमार शुक्ला की कार्यशैली तेज-तर्राट और ईमानदार आईपीएस के रूप में जानी जाती है. शुक्ला कभी विवादों से नाता नहीं रहा. उनकी शुरूआती पोस्टिंग सीएसपी रायपुर में हुई थी. वे दमोह, शिवपुरी और मंदसौर जिले के एसपी भी रहे हैं. शुक्ला डीजीपी पद पर 2020 तक रहेंगे. (इनपुट- एजेंसी)