देवास| मध्य प्रदेश के मंदसौर में मंगलवार को हुई हिंसा की आग राज्य के अन्य हिस्सों में फैलने लगी है. किसानों ने बुधवार को देवास में हाट पिपलिया थाने पर धावा बोल दिया और वहां खड़े जब्ती के वाहनों को आग लगा दी. किसानों ने भोपाल-इंदौर के बीच चलने वाली दो बसों सहित 10 से अधिक वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया.Also Read - MP: चूड़ी विक्रेता के बाद अब टोस्ट विक्रता की पिटाई, आधार कार्ड नहीं दिखाने पर हुई मारपीट

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, किसान जुलूस के रूप में हाट पिपलिया थाने पहुंचे, जहां उन्होंने उपद्रव मचाया और परिसर में रखे जब्ती के वाहनों को आग के हवाले कर दिया. इसके बाद आंदोलनकारी किसान नेवली फाटा की ओर बढ़े, जहां उन्होंने वाहनों में तोड़फोड़ की। Also Read - सॉफ्टवेयर इंजीनियर की लुटेरी गैंग: हाईवे पर मोबाइल डकैती करने वाले अरेस्‍ट, 15 करोड़ रुपए के मोबाइल जब्‍त

पुलिस ने कहा कि इस दौरान किसानों ने वहां से गुजर रही दो यात्री बसों को रोककर उनमें आग लगा दी. बस में बैठे यात्री चीख पुकार करने लगे और मदद के लिए चिल्लाने लगे लेकिन इस घटना में कोई यात्री हताहत नहीं हुआ है. इसके अतिरिक्त आंदोलनकारियों ने वहां से गुजर रहे 10 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया और पथराव भी किया.


क्या हुआ मंदसौर में?
मंदसौर में मंगलवार (6 जून) को प्रदर्शनकारी किसानों ने 8 ट्रकों और 2 बाइक को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान पुलिस और सीआरपीएफ पर पथराव भी किया गया. स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें 6 किसानों की मौत हो गई. इसके बाद हालात और बिगड़ने लगे तो शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया. घटना के विरोध में किसान संगठनों और कांग्रेस ने बुधवार को मध्यप्रदेश बंद का ऐलान किया.

मृतकों के परिवारों को एक करोड़ मुआवजा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदसौर में मारे गए किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है. दरअसल, मंगलवार को फायरिंग में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की राशि देने की बात कही थी, फिर कुछ ही देर बाद उन्होंने ट्वीट करते हुए सहायता राशि 10 लाख रुपये और गंभीर घायलों को एक लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की. लेकिन देर रात को उन्होंने मुआवजा राशि बढ़ाकर एक करोड़ कर दी. साथ ही मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी.