MP के लाखों सरकारी कर्मियों को मिली बड़ी खुशखबरी! सीएम मोहन यादव ने खत्म किया एक दशक का इंतजार

मध्यप्रदेश में पिछले 10 सालों से कानूनी पेचों और प्रशासनिक वजहों से पदोन्नति की प्रक्रिया लगभग ठप पड़ी थी. कई कर्मचारी तो बिना प्रमोशन पाए ही रिटायर हो गए. डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद संभालते ही इस दिशा में काम शुरू कर दिया था.

Updated: July 8, 2026, 5:17 PM IST

MP News Today: मध्यप्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए आखिरकार वो खुशी का दिन आ ही गया, जिसका उन्हें पिछले एक दशक (10 साल) से इंतजार था. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों को अब तक की सबसे बड़ी सौगात देते हुए रुकी हुए प्रमोशन की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है. सरकार के इस बड़े फैसले से बरसों से एक ही पद पर बैठे लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा होने जा रहा है. 8 जुलाई को भोपाल स्थित मंत्रालय का नजारा देखने लायक था. जैसे ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए मंत्रालय पहुंचे, वहां मौजूद कर्मचारियों का उत्साह सातवें आसमान पर था. कर्मचारियों ने ढोल-नगाड़ों की थाप और फूलों के गुलदस्तों के साथ मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया.

खुशी से झूम उठे कर्मचारी

प्रमोशन का रास्ता साफ होने की खुशी कर्मचारियों के चेहरों पर साफ देखी जा सकती थी. इस दौरान कर्मचारी कल्याण समिति, मंत्रालय कर्मचारी संघ और अजाक्स (AJAKS) के दिग्गज पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में सचिवालय स्टाफ मौजूद रहा, जिन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया. इस भावुक और उत्साही माहौल के बीच, कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री के सामने एक और मांग रखी. उन्होंने आग्रह किया कि जिन विभागों में अभी तक यह प्रक्रिया तकनीकी कारणों से शुरू नहीं हो पाई है, वहां भी इसे जल्द से जल्द लागू किया जाए.

क्या बोले CM मोहन यादव?

कर्मचारियों की इस मांग पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने बेहद संवेदनशीलता दिखाई. उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाते हुए कहा, ‘हमारी सरकार कर्मचारी कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. जो भी अधिकारी या कर्मचारी नियमानुसार पदोन्नति का पात्र होगा, उसे उसका हक हर हाल में मिलेगा. किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.’

क्यों खास है सरकार का यह फैसला?

दरअसल, मध्यप्रदेश में पिछले 10 सालों से कानूनी पेचों और प्रशासनिक वजहों से पदोन्नति की प्रक्रिया लगभग ठप पड़ी थी. कई कर्मचारी तो बिना प्रमोशन पाए ही रिटायर हो गए. डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद संभालते ही इस दिशा में काम शुरू कर दिया था और अब धरातल पर इसका असर दिखने लगा है. सरकार के इस कदम से न सिर्फ कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक कामकाज में भी नई ऊर्जा देखने को मिलेगी.

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