भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने हर माह 150 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रारंभिक 100 यूनिट बिजली एक रुपए की दर से देने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी.

बैठक में बाद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने संवाददाताओं से कहा, इंदिरा गृह ज्योति बिजली योजना अब तक केवल पंजीकृत गरीब श्रमिकों के लिए थी. लेकिन अब, हमने 150 यूनिट से कम खपत वाले सभी बिजली उपभोक्ताओं को इस योजना के दायरे में लाया है.

ऊर्जा मंत्री ने हालांकि, स्पष्ट किया कि 150 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को वर्तमान में प्रचलित बिजली की दरों के अनुसार ही बिल का भुगतान करना होगा.

सिंह ने कहा, “प्रति माह 150 यूनिट की सीमा के भीतर उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं से प्रारंभिक 100 यूनिट के लिए एक रुपए प्रति यूनिट का शुल्क लिया जाएगा, जबकि अगले 50 यूनिट की कीमत मौजूदा दरों के अनुसार होगी. लेकिन प्रति माह 150 यूनिट से अधिक उपभोग करने वालों से मौजूदा घरेलू बिजली दरों के अनुसार ही शुल्क लिया जाएगा और इस श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं को इस योजना के तहत लाभ नहीं मिलेगा.

सिंह ने कहा कि इस योजना के लाभार्थियों को सामान्य उपभोक्ताओं की तुलना में अलग-अलग रंग का बिल दिया जाएगा. बिजली बिलों में विसंगतियों के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा, ऐसी शिकायतों की जांच के लिए हमने जिला स्तर पर समितियों का गठन किया है. अब हम इन समितियों को सशक्त बनाने जा रहे हैं.

मंत्री ने यह भी बताया कि 30 यूनिट तक बिजली का उपभोग करने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उपभोक्ताओं से 25 रुपए प्रति माह की दर से शुल्क लिया जाएगा और उन्हें चार महीने में एक बार बिल भेजा जाएगा. इससे प्रदेश के 70 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा. इस योजना को लागू करने में 2100 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा.